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एड में पशुओं को मॉडल बनना हुआ दुश्वार

जरा कल्पना करें कि वोडाफोन मोबाइल (पहले हच) के विज्ञापन में वह क्यूट कुत्ता न होता। कहने की जरूरत नहीं है कि तब शायद वह विज्ञापन अवाम के दिलों-दिमाग पर अपनी इतनी गहरी पहचान भी नहीं बना पाता। इसी तरह से मेलबरो सिगरेट के बेहद उम्दा एड में मॉडल के साथ घोड़ा न होता। जाहिर है कि अगर इन दोनों विज्ञापनों ने अपनी गहरी छाप छोड़ी है तो उसके पीछे कहीं न कहीं उन कुत्ते और घोड़े ने भी अपना योगदान दिया है। पर अब विज्ञापन एजेंसियों के लिए अपने विज्ञापनों में जानवरों को दिखाना बेहद कठिन हो गया है। सूत्रों ने बताया कि यह सारी स्थिति इसलिए उत्पन्न हुई है क्योंकि पशुओं के हितों में काम करने वाली संस्थाओं की मांग के बाद एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया (एडब्ल्यूबीआई) ने विज्ञापन एजेंसियों को साफ निर्देश दे दिए हैं कि वे अपने किसी भी विज्ञापन में पशुओं को मॉडल की भूमिका में पेश करने से पहले उसकी इजाजत लें। जानकारों का कहना है कि इसमें पहली नजर में देखने में कुछ भी गलत नहीं लगता। पर दिक्कत यह है कि एडब्ल्यूबीआई से इस बाबत अनुमति लेने के लिए महीनों तक लग जाते हैं। उसके बाद भी फाइल वहां पर धूल खाती रहती है। ग्राफि क एड एजेंसी के निदेशक आलोक गुप्ता ने कहा कि प्राय: होता यह है कि किसी एड एजेंसी को किसी कम्पनी से अपने उत्पाद को चमकाने के लिए एड बनाने का काम जब मिलता है तब दो महीने से अधिक का वक्त नहीं मिलता। इतने कम समय में उपयरुक्त सरकारी एजेंसी से किसी एड में किसी पशु को दिखाने के लिए हरी झंडी प्राप्त करना लगभग नामुमकिन सा होता है। प्रख्यात एड गुरु प्रसून जोशी ने बताया कि इस सारे फैसले ने एड एजेंसियों की क्रिएटिव फ्रीडम पर करारा हल्ला बोला है। कई बार हम चाह कर भी पशुओं को अपने विज्ञापनों में इसी डर के कारण नहीं ले पाते क्योंकि उन्हें मालूम होता है कि एडब्ल्यूबीआई से उन्हें कतई सहयोग नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि अब तमाम एड एजेसिंयों को अपने विज्ञापनों में पशुओं को दिखाने के लिए एनीमेशन या पुरानी फिल्मों को ही लेना पड़ता है। उससे विज्ञापन में जान नहीं आ पाती। उदाहरण के रूप में टाटा सफारी के विज्ञापन में घोड़ों को दिखाया गया है। इसके लिए पुरानी फिल्मों के हिस्सों को लिया गया। एनीमेशन का इस्तेमाल बेहद महंगा रहता है। कम से कम 20 लाख रुपये का खर्च आ जाता है किसी विज्ञापन के लिए पशु का एनीमेशन बनाने में।

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  • Web Title: एड में पशुओं को मॉडल बनना हुआ दुश्वार