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देश में नहीं खेलना चाहतीं सानिया

ऑफ कोर्ट विवादों ने सानिया को इस कदर परेशान किया है कि उन्हें देश में नहीं खेलने का निर्णय लेना पड़ रहा है। सानिया ने घोषणा की है कि वह बेंगलूर ओपन में नहीं खेलेंगी। हालांकि इस बार बेंगलूर में खेली जाने वाली डब्लूटीए की इस स्पर्धा में इनामी राशि 1,75,000 डॉलर से बढ़कर 6,00,000 डॉलर हो गई है। सानिया ने कहा है कि उनके एजेंट ने उन्हें सलाह दी है कि वह यहां न खेलें क्योंकि पिछले कुछ महीनों से बहुत कुछ उनके विरोध में हो रहा है। 2005 में देश में शुरू हुए डब्लूटीए टूर्नामेंट-हैदराबाद ओपन जीतने के बाद सानिया भारत में छा गई थीं। पर तभी से कोर्ट के बाहर विवादों ने सानिया का पीछा करना शुरू कर दिया। कभी इस्लामिक कट्टरपंथियों ने उन्हें पीछे घसीटना चाहा तो कभी अन्य विवाद पीछा करने लगे। हालिया विवाद गत दिसम्बर में खेले गए हॉपमैन कप में हुआ जब मैच के बाद विश्राम कर रहीं सानिया के पैर के पास तिरंगे को दिखाता चित्र अखबारों में छपा और उन पर लोगों ने मुकदमा कर दिया। डब्लूटीए की यही स्पर्धा हैदराबाद की बजाए बेंगलूर में आयोजित होने लगी और सानिया लगातार यहां खेलने आती रही हैं। पुरस्कार राशि बढ़ने के साथ-साथ, इस बार ग्रैंड स्लैम विजेता वीनस व सेरेना विलियम्स बेंगलूर आ रही हैं पर देश की टेनिस स्टार सानिया नहीं आ रहीं। टूर्नामेंट में नाम देने की तारीख 20 जनवरी थी पर जब सानिया का नाम तब तक नहीं आया तो आयोजक चिंतित हुए। खैर यह माना जा रहा था कि देर-सबेर वे नाम दर्ज करा देंगी पर अब सानिया ने कारण बताया है। उन्होंने कहा कि जब भी मैं देश में खेलती हूं, कुछ न कुछ समस्या सामने आती है। सो हमने विचार किया है कि इस समय देश में न खेला जाए। सानिया कहती हैं कि विवाद उन्हें इतना तंग करने लगे थे कि एक समय तो वह टेनिस ही छोड़ देना चाहती थीं। सानिया ने कहा कि बेंगलूर ओपन में भाग न लेना मेरी कोई तीखी प्रतिक्रिया नहीं है। मुझे विवादों ने बहुत समय से घेरा हुआ है जिनसे निपटना आसान नहीं। पिछले कुछ हफ्तों में मैंने बहुत नीचा देखा है। ऐसे में अच्छे प्रदर्शन के लिए कोशिश करते रहना और फोकस बनाए रखना आसान नहीं होता। ‘ग्लोबोस्पोर्ट’ कंपनी के जरिए सानिया के करियर को मैनेज करने वाले देश के शीर्ष युगल खिलाड़ी महेश भूपति ने कहा कि यह सानिया का कोई हमेशा के लिए लिया गया निर्णय नहीं है। वह केवल इसी वर्ष देश में नहीं खेलेंगी ताकि उनका करियर इन विवादों से प्रभावित न हो। दस ग्रैंड स्लैम खिताबों पर नाम लिखाने वाले भूपति ने कहा कि पिछले कुछ हफ्तों में जो कुछ हुआ, निश्चित ही उससे सानिया को पीड़ा पहुंची है। हम चाहते हैं कि जब वह खेलें तो उनका पूरा ध्यान टूर्नामेंट पर हो। सानिया के साथ ऑस्ट्रेलियन ओपन के मिश्रित युगल फाइनल तक पहुंचने वाले भूपति ने कहा कि उनके लक्ष्य लंबे समय के हैं। हमें उम्मीद है कि ऐसे सब विवाद आगे जन्म नहीं लेंगे। इन विवादों में बहुत अधिक भावनाएं जुड़ी होती हैं। हालांकि ऐसे विवादों के बाद भी सानिया ने शानदार तरीके से ऑस्ट्रेलियन ओपन में प्रदर्शन किया।

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