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पार्टियों को रैलियों के लिए हरसंभव सुविधा

राज्य में सभी राजनीतिक दलों को रैलियों के आयोजन के लिए सरकार नियमानुसार हरसंभव सुविधाएं उपलब्ध करायेगी। उत्तरप्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती के समान अगर कोई अन्य नेता भी हेलीकॉप्टर से ही गांधी मैदान में उतरना चाहे तो उन्हें भी इसकी इजाजत दी जायेगी। सोमवार को जनता दरबार के बाद संवाददाताओं से बात करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि बसपा ने अपनी नेता को पटना हवाई से हेलीकॉप्टर द्वारा गांधी मैदान पहुंचाने की इजाजत मांगी थी।ड्ढr ड्ढr पटना के डीएम ने उनके अनुरोध को स्वीकार कर लिया है। यह पूछे जाने पर पहली बार गांधी मैदान में हेलीकॉप्टर से कोई राजनेता सभास्थल पर उतरेगा, मुख्यमंत्री ने कहा कि बहुत सी ऐसी चीजें हैं जो पहली बार ही होती हैं। वैसे चुनाव प्रचार के दौरान तो आमतौर पर सभी दलों के नेताओं का हेलीकॉप्टर सभास्थल के निकट ही उतरता है। इसमें कुछ भी गलत नहीं है।ड्ढr अगर भविष्य में किसी अन्य दल के नेता ने भी हेलीकॉप्टर द्वारा गांधी मैदान जाने की इजाजत मांगी तो उन्हें भी इसकी इजाजत मिलेगी। रैली में आने वालों को कोई दिक्कत न हो, इसके लिए प्रशासन की ओर से जो बन पड़ेगा मदद की जायेगी। जलापूर्ति व अन्य बुनियादी सुविधाओं का इंतजाम होगा। पुलिस मुख्यालय में बनेगा स्थायी कोषड्ढr पटना (हि.ब्यू.)। डय़ूटी के दौरान मारे गये पुलिसकर्मियों को तत्काल दस लाख रुपये मुआवजे के भुगतान के लिए पुलिस मुख्यालय में स्थायी कोष बनेगा। सरकार ने मुआवजे का प्रावधान तो कर दिया लेकिन अभी तक कोष नहीं बना है। नतीजतन शहीद पुलिसकर्मियों के परिजन अबतक मुआवजे के लिए भटक ही रहे हैं। सोमवार को अवर निरीक्षक स्व.लालमोहन सिंह की पत्नी लीलावती सिन्हा ने जनता दरबार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात कर मुआवजा राशि और नौकरी की मांग की। वित्त विभाग को कैबिनेट की आगामी बैठक में स्थायी कोष के संबंध में प्रस्ताव पेश करने को कहा गया है। अवर निरीक्षक लालमोहन सिंह की मौत गत वर्ष कटिहार स्थित अमदाबाद में डय़ूटी के दौरान हुई थी। श्रीमती सिन्हा ने बताया कि न तो अबतक भविष्य निधि की राशि मिली है और न ही दस लाख रुपये दिये गये। मुख्यमंत्री ने तत्काल गृह विभाग के प्रधान सचिव अफजल अमानुल्लाह और डीजीपी आशीष रंजन सिन्हा को तलब करके मुआवजा नहीं मिलने की वजह पूछी। पता चला कि राशि ही नहीं है। उन्होंने दोनों अधिकारियों को वित्त विभाग की सहमति से जल्द ही स्थायी कोष बनाने का प्रस्ताव तैयार करने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुनकर ही खराब लगता है जब किसी शहीद पुलिसकर्मी को पैसे नहीं मिलते और उसे जनता दरबार में मदद मांगने के लिए आना पड़ता है। वह भी तब जबकि सरकार पैसे देना चाहती है। उन्होंने श्रीमती सिन्हा को शीघ्र मदद का भरोसा दिलाया।

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