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बिजलीघर के लिए कुशल कामगार तैयार होंगे

एनटीपीसी बाढ़ थर्मल पावर से बिजली तो पैदा करेगा ही, बिजलीघर के लिए कुशल कामगार भी तैयार करेगा। इसके लिए स्थानीय लोगों के विशेष प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाएगी। यह प्रशिक्षण जमीन पर काम करते हुए तो मिलेगा ही खास क्षेत्रों में विशिष्ट प्रशिक्षण के लिए एनटीपीसी खास व्यवस्था करेगा। एनटीपीसी ने परियोजना स्थल के निकटवर्ती गांवों के ग्रामीणों को आईटीआई का प्रशिक्षण लेने का सुझाव दिया है। इसके लिए चयनित अभ्यर्थियों के प्रशिक्षण पर आने वाला खर्च भी एनटीपीसी ही वहन करेगी।ड्ढr ड्ढr बिजलीघर के निर्माण में इस समय पांच हजार से अधिक लोग जुटे हुए हैं, जिनमें चार हजार तो स्थानीय लोग ही हैं। हालांकि इनमें अधिसंख्य मजदूर और जमीन पर काम करने वाले लोग हैं, लेकिन प्रबंधन इनमें से खास लोगों को निर्माण के बाद बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की योजना बना रहा है। जबतक बिजलीघर का निर्माण होगा तबतक लोग उस हिसाब से काम करेंगे और जब निर्माण पूरा हो जाएगा तो उनकी भूमिका बदल जाएगी। बाढ़ बिजलीघर के महाप्रबंधक आर.एस. सिंह कहते भी हैं, ‘हमारा यह प्रयास होगा कि स्थानीय लोगों को यह बिजलीघर अपना जैसा लगे।’ उन्होंने स्थानीय अभिभावकों से अपने बच्चों को आईटीआई प्रशिक्षण दिलवाने का अनुरोध किया है। प्रशिक्षित लोगों के लिए एनटीपीसी के द्वार भी खुलेंगे और उन्हें योग्यता के अनुसार रोजगार भी मिलेगा।ड्ढr गौरतलब है कि पिछले दिनों ऊर्जा मंत्री विजेन्द्र प्रसाद यादव ने बिहार में परियोजना लगाने वाले सभी उद्यमियों से यह स्पष्ट कर दिया है कि उन्हें अपनी परियोजना में स्थानीय लोगों को रोजगार मुहैया करना होगा। राज्य सरकार चाहती है कि निर्माण के समय भी और निर्माण के बाद भी स्थानीय लोगों को नियोजन में प्रमुखता मिलनी चाहिए। बाढ़ परियोजना के महाप्रबंधक ने ऊर्जा मंत्री को बताया कि एनटीपीसी की ओर से स्थानीय लोगों को रोजगार में न केवल वरीयता दी जा रही है, बल्कि उनके प्रशिक्षण के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं। महाप्रबंधक के अनुसार ऐसे ट्रेड में ही लोगों को ही बाहर से बुलाया गया है, जो स्थानीय स्तर पर उपलब्ध नहीं हैं।

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