DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

10मुन्नाभाई मैदान से बाहर

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को अभिनेता संजय दत्त के जुर्म को संगीन मानते हुए उनकी लोस चुनाव लड़ने की अनुमति वाली याचिका खारिा कर दी। इससे चुनाव में लखनऊ से संसद पहुंचने के उनके सपने पर पानी फिर गया है।ड्ढr सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस केाी बालाकृष्णन की अध्यक्षतावाली पीठ ने कहा कि वह संजय की सजा पर रोक के पक्ष में नहीं है क्योंकि 1े मुंबई ब्लास्ट मामले में उनका जुर्म संगीन है। पीठ ने कहा कि संजय पर जसे आरोप हैं, वे किसी भी तरह क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू से नहीं मिलते हैं। इसलिए सिद्धू की सजा पर रोक लगाने के न्यायालय के फैसले को आधार बनाकर मुन्ना भाई को राहत नहीं दी जा सकती। कोर्ट ने कहा-‘सजा पर रोक लगाने का फैसला वह विशेष परिस्थितियों में ही देता है। संजय के पिता सुनील दत्त एक बेहतर राजनेता थे। संजय भी आदतन अपराधी नहीं हैं लेकिन उनकी सजा पर रोक लगाना उचित नहीं होगा।’ कोर्ट ने फैसले में जन प्रतिनिधित्व कानून की धारा आठ (3) के प्रावधानों का भी उल्लेख किया। खंडपीठ ने कहा कि इन प्रावधानों के तहत दो साल या उससे अधिक की सजा पाए व्यक्ित को चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं दी जा सकती है। पेज 10-11 भी देखेंकहां अटकी बात : 1े मुम्बई बमकांड के सिलसिले में आर्म्स एक्ट के तहत दोषी होना बना रोड़ा। कोर्ट ने इसे संगीन अपराध माना।ड्ढr क्या दलीलें दीं : सिद्धू का मामला, अच्छी पारिवारिक पृष्ठभूमि, अच्छा चाल-चलनड्ढr सिद्धू को मिल गई थी छूट : 2007 में शीर्ष अदालत ने सिद्धू को ‘रोड रेा’ मामले में हुई सजा पर रोक लगाते हुए पचुनाव लड़ने की क्षाजत दी थी।ड्ढr इसलिए खारिा हुई याचिका : इस कानून की धारा आठ (3) के प्रावधानों के तहत दो साल या उससे अधिक की सजा पाए व्यक्ित को चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं मिल सकती।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: 10मुन्नाभाई मैदान से बाहर