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पुलिस भर्ती घोटाले की भी सीबीआई जाँच की सिफारिश

मुख्यमंत्री मायावती ने पूर्ववर्ती सपा सरकार के कार्यकाल में हुई पुलिस भर्ती में तत्कालीन लोक निर्माण मंत्री शिवपाल सिंह यादव और मुख्यमंत्री सचिवालय व पुलिस के बड़े अफसरों पर भ्रष्टाचार व रिश्वतखोरी में शामिल होने का सीधा आरोप लगाते हुए मामले की जाँच सीबीआई से कराने की घोषणा की। उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव पर भी इस मामले में वित्त विभाग की लगातार आपत्तियों के बावजूद निरन्तर दबाव डालकर पद स्वीकृत कराने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित उच्चस्तरीय जाँच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में पुलिस भर्ती मामले में घोर अनियमितता व भ्रष्टाचार होने और इसमें असरदार राजनेताओं व अफसरों की संलिप्तता की बात कही है जिसके बाद मामले की संवेदनशीलता व गंभीरता को देखते हुए इसकी जाँच सीबीआई से कराने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि उन पर राजनीतिक विद्वेष की भावना से काम करने का आरोप न लगे इसलिए राज्य सरकार ने केन्द्र सरकार से सीबीआई जाँच कराने की सिफारिश की है। केन्द्र को इस आशय का पत्र भेज दिया गया है।ड्ढr सोमवार को राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक के बाद मुख्यमंत्री मायावती ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि कैबिनेट की बैठक में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित जाँच कमेटी के निष्कर्षो पर विचार करने के बाद मामले की जाँच सीबीआई से कराने का निर्णय लिया गया। उन्होंने बताया कि राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में पुलिस भर्ती में भ्रष्टाचार, अनियमितता रोकने तथा पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए नई प्रक्रिया भी अनुमोदित की गई है।ड्ढr मुख्यमंत्री ने कहा कि इस घोटाले में प्रभावशाली राजनेताआें के शामिल होने से सीबीआई जाँच ही एकमात्र विकल्प है। उन्होंने बताया कि जाँच समिति ने इससे पूर्व इस मामले में पूर्व में गठित की गई जाँच कमेटियों के इस निष्कर्ष को सही पाया कि भारी पैमाने पर धाँधली हुई।ं

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