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शौकत गुरु को जवाब के लिए दो हफ्ते का समय

उच्चतम न्यायालय ने संसद हमले के सिलसिले में दस वर्ष के कारावास की सजा काट रहे शौकत हुसैन गुरु को दिल्ली पुलिस के जवाब पर पक्ष रखने के लिए मंगलवार को दो सप्ताह का समय दिया। शौकत ने संसद हमले के मामले में खुद को दोषी ठहराए जाने को इस आधार पर चुनौती दी है कि उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 123ए के तहत न तो कभी आरोप पत्र दायर किया गया और न ही उसे इस मुद्दे पर बचाव का मौका दिया गया। इससे पहले दिल्ली पुलिस के वकील ने न्यायमूर्ति पीपी नावलेकर की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष दलील दी कि याचिकाकर्ता को आईपीसी की धारा 123ए के तहत दी गई सजा न्यायोचित है क्योंकि उसे आपराधिक साजिश की जानकारी थी, लेकिन उसने पुलिस को जान बूझकर सूचित नहीं किया। दिल्ली पुलिस ने यह भी दलील दी कि मौजूदा याचिका में याचिकाकर्ता द्वारा उठाए गए मुद्दों पर पहले ही इसी न्यायालय ने सुनवाई की थी और उसकी अपील, समीक्षा याचिका और दोष सुधार याचिका खारिज कर दी थी। निचली अदालत ने शौकत को संसद हमले मामले में दोषी ठहराते हुए मृत्युदंड मुकर्रर किया था और दिल्ली उच्च न्यायालय ने भी इस पर अपनी मुहर लगा दी थी। लेकिन उच्चतम न्यायालय ने इसे कम कर दस साल की सजा में तब्दील कर दिया था और उसपर लगाए गए आपराधिक साजिश के आरोप निरस्त कर दिए थे। इस मामले में अफजल गुरु को फांसी की सजा मुकर्रर की गई है और उसकी क्षमा याचिका राष्ट्रपति के पास लंबित है।

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  • Web Title: शौकत गुरु को जवाब के लिए दो हफ्ते का समय