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रिटेल व रीयल एस्टेट कंपनियां जाती बिजनेस स्कूलों में

अपने प्रोजेक्टों को शुरू करने के बाद रिटेल कंपनियां अब रुख कर रही बिजनेस स्कूलों का। भारती-वॉलमार्ट के आला अफसर आईआईएम, कोलकाता, अहमदाबाद और लखनऊ में जाकर बड़े विद्यार्थियों को शानदार पे-पैकेट दे रहे हैं। भारती-वॉलमार्ट इन बिजनेस स्कूलों के बच्चों को बाकी किसी भी कम्पनी से बेहतर पगार दिक्कत पैदा कर रहे हैं। इनके अलावा, रिलायंस, स्पेंसर (आरपीजी समूह), बिग बाजार, टाटा भी भारती-वॉलमार्ट के नक्शे कदम पर चल रहे हैं। रिटेल के साथ रीयल इस्टेट सेक्टर की कंपनियां भी प्रमुख बिजनेस स्कूलों के होनहार विद्याथियों को अपने यहां मोटी पगार पर नौकरी दे रही हैं। जानकारों ने बताया कि बिजनेस स्कूलों के छात्रों पर सबसे अधिक डोरे रिटेल और रीयल इस्टेट कम्पनियां ही डाल रही हैं। इसके चलते इनके विद्यार्थियों के वेतन में पिछले सालों की तुलना में तगड़ा इजाफा हो गया है। इस होड़ का नुकसान फाइनेंस और आईटी सेक्टर की कंपनियों को हो सकता है। इन्हें बिजनेस स्कूलों के होनहार छात्रों को अपने यहां लेने में कठिनाई का होना तय है। उपयरुक्त रिटेल तथा रीयल एस्टेट कंपनियां अन्य किसी भी क्षेत्र की कंपनियों से अधिक वेतन की पेशकश कर रही हैं। जाहिर है कि इन हालातों में रिटेल और रीयल एस्टेट से हटकर क्षेत्रों में सक्रिय कंपनियों के लिए मुश्किल होगी ही। फार्मा और रीयल इस्टेट क्षेत्र की कम्पनियां जैसे रैनबैक्सी, निकोलस फार्मा, डा.रेड्डीज, पाश्र्वनाथ, हीरानंदानी वगैरह भी प्रमुख बिजनेस स्कूलों में अगले मार्च महीने में अपने एचआर विभाग के अधिकारियों को भेज रहे हैं। पाश्र्वनाथ ग्रुप के प्रमुख प्रदीप जैन ने कहा कि बिजनेस स्कूलों में जाने के पीछे इरादा इनके बेहतरीन विद्यार्थियों को शानदार वेतन की ऑफर देकर अपने साथ जोड़ने का है। जानकार कह रहे हैं कि अब बिजनेस स्कूलों के विद्यार्थियो का भी रुझान आईटी और वित्त क्षेत्र से हटकर रीयल इस्टेट और रिटेल में भी हो रहा है। इन दोनों सेक्टरों की कई विदेशी कम्पनियां भी देश के बिजनेस स्कूलों से सम्पर्क कर रही हैं ताकि वे उनके छात्रों को अपने यहां पर रख सकें। रिलायंस रिटेल के एक आला अधिकारी ने बताया कि उनकी कम्पनी ने अपने रिटेल प्रोजेक्ट पर हजारों करोड़ रुपये का निवेश किया है। इसे कामयाबी तो उसी सूरत में मिलेगी जबकि वे अपने इधर देश के चोटी के बिजनेस स्कूलों के विद्यार्थियों को रख लें। योग्य पेशेवरों को वे कुछ भी दे सकते हैं।

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  • Web Title: रिटेल व रीयल एस्टेट कंपनियां बिजनेस स्कूलों में