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तीन लाख क्िवंटल खाद्यान्न गायब

बाढ़ राहत मद में आवंटित खाद्यान्न एसएफसी के गोदाम से पीड़ितों की झोली तक पहुंचने से पूर्व ही करीब तीन लाख क्िवंटल गायब होने का मामला प्रकाश में आया है। गोदामों से हुए उठाव के बावत एसएफसी व जिला प्रशासन की रिपोर्ट में अंतर आने के बाद आपदा प्रबंधन विभाग ने इसे गंभीरता से लिया है। कई जिलों ने तो बगैर आवंटन के ही राहत मद में एसएफसी के गोदाम से खाद्यान्न का आवंटन कर लिया है। विभाग के प्रधान सचिव ने इस पर आपत्ति जताते हुए तत्काल बाढ़ प्रभावित जिलाधिकारियों से रिपोर्ट की मांग कर दी है।ड्ढr ड्ढr सोमवार को मुजफ्फरपुर समेत अन्य जिला के संबंधित अधिकारियों ने आपदा प्रबंधन विभाग के समक्ष हाजिर होकर अपनी-अपनी रिपोर्ट दी। जिलाधिकारियों के द्वारा खाद्यान्न मद में बकाये राशि के भुगतान की मांग के बाद आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव ने जिलाधिकारियों को पत्र लिखकर राज्य खाद्य निगम से हुए उठाव तथा जिला प्रशासन की रिपोर्ट में भारी अंतर आने की बात कही है। बगैर आवंटन के ही उठाव होने पर भी प्रधान सचिव ने जिलाधिकारी को जांच का आदेश दिया है। खासकर मधुबनी, पश्चिम चंपारण, शिवहर, नालंदा, बेगूसराय, समस्तीपुर सहित अन्य जिलों के रिपोर्ट में भारी अंतर बताया गया है। एसएफसी की रिपोर्ट में भारत सरकार से इकोनॉमिक कॉस्ट पर प्राप्त रिलिफ मद के विशेष आवंटन तथा बीपीएल, एपीएल, अंत्योदय, अन्नपूर्णा, एमडीएम तथा एसजीआवाई से बाढ़ राहत हेतु कुल 48 लाख 56 हजार 583 क्िवंटल उपलब्ध कराया गया है। इसमें 22 लाख 37 हजार 842 क्िवंटल गेंहू तथा 26 लाख 18 हजार 740 क्िवंटल चावल बाढ़ पीड़ितों के लिए आवंटित किया गया। जबकि बाढ़ प्रभावित 22 जिलों से भेजी गयी रिपोर्ट में कुल 45 लाख 73 हजार 715 क्िवंटल खाद्यान्न ही उठाव किये जाने की बात कही गयी है।

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