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उग्र रोडवेज कर्मियों पर लाठियाँ

अपनी माँगों को लेकर विधान भवन जाने पर अड़े परिवहन निगम कर्मियों और उन्हें रोकने के लिए खड़े पुलिस बल के बीच मंगलवार को जमकर संघर्ष हुआ। परिवहन निगम कर्मियों ने पुलिस पर खूब पत्थर चलाए। पुलिस ने उन पर आँसू गैस और पानी की तेज धार छोड़ी, लाठी चलाई और अन्तत: हवाई फायरिंग भी की। संघर्ष में करीब तीन दर्जन लोग घायल हो गए। इनमें परिवहन निगमकर्मियों के अलावा पुलिस और मीडिया वाले भी शामिल हैं। पूरी घटना की जाँच सीडीओ को सौंपी गई है। परिवहन निगम कर्मचारी संगठनों ने इसके विरोध में चक्काजाम शुरू कर दिया था लेकिन सरकारी आश्वासन के बाद उसे वापस ले लिया है। परिवहन मंत्री, मुख्य सचिव, कैबिनेट सचिव, रोडवेज के शीर्ष अधिकारियों और कर्मचारी की देर रात हुई बैठक के बाद सरकार ने आश्वासन दिया कि परिवहन निगम का निजीकरण नहीं किया जाएगा और निजी पूँजी निवेश होने की स्थिति में कर्मचारियों का अहित नहीं होगा। देश दीपक वर्मा को नीरा यादव की जगह परिवहन निगम का नया अध्यक्ष बनाया गया है। कर्मचारियों की समस्याएँ हल करने के लिए वर्मा की अध्यक्षता में समिति बनाई गई है। घायल कर्मचारियों का इलाज सरकारी खर्च पर किया जाएगा।ड्ढr बस अड्डों व राष्ट्रीयकृत मार्गो को निजी क्षेत्रों के हवाले करने, 50 फीसदी महँगाई भत्ता मूल वेतन में न जोड़ने और मृतक आश्रितों को नौकरी न मिलने से नाराज कर्मचारियों के छह कर्मचारी संगठनों तथा एक अधिकारी संगठन ने मिलकर ‘परिवहन निगम अधिकारी व कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा’ बनाया था। मोर्चे के आह्वान पर मंगलवार को राज्य भर के करीब 20 हजार परिवहन निगमकर्मी मुख्यालय पर इकट्ठा हुए। मुख्यालय में कर्मचारी नेताओं रामजी त्रिपाठी, प्रीतम दास, तेज बहादुर शर्मा, राकेश सिंह, जेबी सिंह, एमएल पुरी आदि ने सभा की। परिवहन निगमकर्मी विधान भवन घेरने के लिए आगे बढ़ रहे थे। पुलिस और प्रशासन के अफसरों ने उनसे कहा कि वे ज्ञापन दें। जिन अफसरों से वे बात करना चाहते हैं उनसे मुलाकात करवाई जा सकती है। लेकिन कर्मचारी नहीं माने। पुलिस ने कर्मचारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए तेज पानी की धार छोड़ी।ड्ढr ं

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