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अनंत सिंह की संलिप्तता को लेकर पुलिस पसोपेश में

ठेकेदार संजय सिंह हत्याकांड के मामले में पंडारक से पकड़े गये दो कुख्यात शूटरों ब्रजेश कुमार उर्फ कारे उर्फ विक्की व सोनू कहार उर्फ सोनू राम (रामपुर, जमालपुर, मुंगेर) से पूछताछ में पुलिस को कई अहम सुराग मिले हैं जिनकी सत्यता परखी जा रही है। हालांकि इस मामले में जद (यू) के बाहुबली विधायक अनंत सिंह की संलिप्तता को लेकर पटना पुलिस अब भी पसोपेश में है।ड्ढr ड्ढr मंगलवार की शाम कोतवाली थाने में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में डीएसपी (विधि-व्यवस्था) कुमार अमर सिंह ने कहा ‘विधायक के बारे में संपुष्ट तरीके से अभी कुछ नहीं कहा जा सकता। हालांकि हम नकारने की स्थिति में भी नहीं है। अनुसंधान पूरा होने के बाद ही इस संबंध में स्थिति स्पष्ट होगा। पुलिस साक्ष्यों की तलाश में लगी है और उसी के अनुरूप कानूनी कार्रवाई होगी।’ इस बीच पुलिस ने मंगलवार को कोर्ट में सरेंडर करने वाले हत्याकांड के ‘मास्टर माइंड’ भोला सिंह को रिमांड पर लेने के बाद पूछताछ शुरू कर दी है।ड्ढr ड्ढr बहरहाल पुलिस ने हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने का दावा करते हुए स्पष्ट किया कि बाढ़ के कुख्यात विवेका पहलवान के भाई व ठेकेदार संजय सिंह की हत्या के लिए कुख्यात भोला सिंह ने पेशेवर हत्यारों सोनू और विक्की को इस्तेमाल किया। जमालपुर के अपराध जगत में दुर्दात सोनू और विक्की के साथ भोला सिंह ने ‘तुम्हारा काम हम करेंगे और मेरा काम तुम करोगे’ की तर्ज पर मौत का सौदा किया। इसके तहत संजय की हत्या में विक्की और सोनू ने भोला की मदद की। बदले में भोला को जमालपुर नगर परिषद के अध्यक्ष उदय यादव का सफाया करना बाकी था। संजय सिंह के साथ रंजिश तो भोला ने पुलिस के समक्ष स्वीकारी है हालांकि अधिकारियों का कहना है कि सत्यापन के बाद ही तस्वीर साफ होगी। डीएसपी के अलावा कोतवाली थानाध्यक्ष अभय नारायण सिंह और अनुसंधानकर्ता पदाधिकारी दिनेशचंद्र श्रीवास्तव ने भोला, सोनू और विक्की से दिन में लंबी पूछताछ की। पुलिस व मीडिया के समक्ष शातिर विक्की ने खुलासा किया कि संजय सिंह की हत्या के लिए घटनास्थल यानी बोरिंग कैनाल रोड स्थित आरईओ ऑफिस के समीप एक अपार्टमेंट में फ्लैट किराये पर लिया गया था। वहां भोला, उसे और सोनू को ले गया था। फिर संजय की पहचान कराई गई। वहीं पर रह कर वे षडयंत्रकर्ताओं व अन्य अपराधियों की देख-रेख में करीब एक पखवारे तक संजय का पीछा करते रहे। हर रोज यह गिरोह घात लगाकर बैठा रहता था। एक दिन संजय आया भी लेकिन पहचान नहीं होने के कारण अपराधी कुछ नहीं कर सके। बाद में एक दिन संजय की पहचान हो गई और देखते ही देखते एम एम की पिस्तौल और रिवाल्वर से दोनों शूटरों ने खदेड़ते हुए फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस के मुताबिक तब वहां इन दोनों के अलावा कुछ अन्य अपराधी भी मौजूद थे। हत्या करने के बाद विक्की और सोनू भागकर पटना जंक्शन पहुंचे और वहां से ट्रेन पकड़ कर पंडारक जाने के बाद वहीं भोला के संरक्षण में भूमिगत हो गये। विक्की के मुताबिक संजय की हत्या करने के बाद उसने चार गोलियां इसलिए बचा लीं ताकि रास्ता रोकने वालों से वह निपट सके।ं

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