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ओटी में रस्सी से टंगती है लाइट

पीएमसीएच का ऑपरेशन थियेटर संख्या-1। चिकित्सकों ने ओटी लाइट को रस्सी से बांधा तब जाकर शुरू हुआ ऑपरेशन। फोकस स्थिर करने पर ओटी टेबल पर लाइट नहीं आती थी। यह स्थिति एक वर्ष से बनी हुई है।ड्ढr ड्ढr इसमें स्थापित किये गये महंगे उपकरण भी खराब पड़े हैं। किन परिस्थितियों में ऑपरेशन थियेटर में पीएमसीएच के सर्जन ऑपरेशन करते हैं इसका उदाहरण है ओटी संख्या-1। ओटी लाइट को बाएं स्थिर करो तो दाएं रोशनी होती है। फिक्स करो तो माथे पर टूटकर गिरने का भय सताता है। हर क्षणअनहोनी के साये में रहते हुए सर्जन मरीजों का ऑपरेशन करते हैं। ओटी लाइट को रस्सी से बांधना पड़ता है जिससे वह ओटी टेबल पर न सिर्फ स्थिर रहे बल्कि टूटकर भी न गिरे। ओटी संख्या-1 में स्थापित की गयी सी-आर्म इमेज इन्टेंसिफायर उपकरण भी खराब हो चुका है। 12 लाख से अधिक मूल्य की इस महंगी मशीन की मदद से मूत्र मार्ग में होनेवाले पत्थर को बिना ऑपरेशन किये निकाला जाता है। जिन मरीजों को बिना ऑपरेशन के पत्थर निकलवाना है, फिलहाल उनके इलाज पर विराम लग गया है। इसी ऑपरेशन थियेटर में लगायी गयी डायथर्मी मशीन भी खराब हो चुकी है। डायथर्मी से सर्जरी के दौरान चीरा लगाते समय होनेवाले रक्तस्रव को रोका जाता है। किसी उपकरण की खरीद छह माह पूर्व हुई है तो किसी की वर्ष भर पूर्व। ओटी संख्या-1 मंे यूरोलॉजी, प्लास्टिक सर्जरी, फिजिकल मेडिसीन एण्ड रिहैबलिटेशन और कार्डियोथेरासिक सर्जरी के मरीजों का ऑपरेशन होता है। इस बारे में सर्जनों ने अस्पताल प्रशासन को लिखित सूचना भी दी है। इधर अस्पताल के उपाधीक्षक डा.आर.के.सिंह ने स्वीकार किया कि ओटी-1 के कुछ उपकरण खराब हैं। उन्होंने कहा कि उपकरणों की मरम्मत की सूचना कंपनी को दी गयी है। इसे शीघ्र ही ठीक कर लिया जाएगा।

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