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किशनगंज में ‘मिड डे मील’ फ्लॉप

जिले के प्राथमिक एवं मध्य विद्यालयों और मदरसों में मध्याह्न् भोजन योजना पूरी तरह से फ्लाप हो गई है जिसका असर सर्व शिक्षा अभियान पर भी पड़ रहा है। प्राथमिक शिक्षक संघ ने इसके लिए डीएसई एवं एमडीएम प्रभारी पदाधिकारी को दोषी माना है। शिक्षक संघ के प्रधान सचिव हरि मोहन सिंह ने डीएम को प्रषित पत्र में शिक्षा अधिकारियों की लापरवाही के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया है।ड्ढr ड्ढr श्री सिंह ने डीएम को प्रषित पत्र में लिखा है कि पूर्व में मध्याह्न् भोजन योजना वर्ग 1 से 5 तक के बच्चों के लिए चलती थी। इसके बाद इसमें वर्ग 8 तक के बच्चों को भी शामिल कर लिया गया। इस तरह योजना के अन्तर्गत छात्र बढ़ गए मगर डीएसई ने चावल की मात्रा आधी कर दी । इसके अलावा विद्यालयों को योजना की राशि जारी करने में भी अवरोध पैदा किया जाता है। मांगे जाने पर भी मात्र एक तिहाई राशि बैक डेटेड चेक के जरिए दे दी जाती है। श्री सिंह ने कहा कि मध्याह्न् भोजन बंद रहने के कारण बच्चों ने स्कूल आना बंद कर दिया और वार्षिक परीक्षा 200में लगभग 80 हजार बच्चों ने परीक्षा ही नहीं दी ।ड्ढr ड्ढr विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति भी काफी कम हो गयी है। मध्याह्न् भोजन बंद होने के कारण भोजन बनाने वाले रसोइये भी बेकार हो गये हैं। प्रधान सचिव ने कहा कि योजना समिति के सदस्य होने के नाते उन्होंने डीएसई से कुछ सूचनाएं मांगी एवं बैठक बुलाने का आग्रह किया लेकिन उन्हें न तो कोई सूचना दी गयी न ही बैठक बुलाई गई। श्री सिंह डीएम से मध्याह्न् भोजन बंद रहने की जांच कराकर दोषी अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दायर करने का आग्रह किया है। जिलाधिकारी ने प्राथमिक शिक्षक संघ के आवेदन पर शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों से जवाब-तलब किया है। इस मामले में जिला अधीक्षक रविंद्र शर्मा ने बताया कि डीएसई को मिड डे मील से कोई लेना-देना नहीं है इसके लिए अलग प्रभारी पदाधिकारी और कार्यालय है। जबकि मिड डे मील के प्रभारी सह क्षेत्रीय पदाधिकारी प्रवीण कुमार सिंह ने बताया कि चावल के अभाव में मिड डे मील योजना अवश्य प्रभावित हुई है।

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