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शुक्र है,बच गई ४० स्कूली बच्चों की जान

बस चालक की लापरवाही से 40 बच्चों की जान जोखिम में फँसी तो स्टेशन मास्टर की सतर्कता से सब सुरक्षित बच गए! इससे पहले बस हरौनी रेलवे क्रासिंग से टकरा ही चुकी थी। जिसमें कई बच्चे घायल हो गए। नागरिक और रेलकर्मी पहुँचे लेकिन पुलिस नहीं पहुँची। प्राथमिक उपचार के बाद बच्चों को उनके घर पहुँचा दिया गया है।ड्ढr बुधवार की शाम अवध कॉलिजिएट स्कूल के 40 बच्चों को लेकर स्कूल बस (यूपी-32 एएन-5550) उनके घर छोड़ने जा रही थी। हरौनी रेलवे क्रासिंग बंद थी। चालक स्टार्ट बस छोड़कर नीचे उतर गया। चालक के उतरते ही क्लीनर ने चालक की सीट संभाल ली। फिर गियर लगाकर एक्सीलेटर दबा दिया। बस झटके के साथ चल पड़ी। रेलवे फाटक टूट गया। तेज आवाज होते ही बच्चे चीख पड़े। कुछ लड़के रोने लगे। फाटक तोड़कर स्कूली बच्चों से भरी बस रेलवे क्रासिंग पर फँसी होने की जानकारी मिलते ही हरौनी के स्टेशन मास्टर के हाथ पैर फूल गए। क्योकि इंटरसिटी एक्सप्रेस कुछ ही किलोमीटर दूर थी। स्टेशन मास्टर ने आउटर केबिन को सिग्नल ‘लाल’करने का निर्देश दिया। फिर जैतीपुर को इंटरसिटी एक्सप्रेस तत्काल रोक लेने का संदेश दिया गया। वाकी-टाकी से इंटरसिटी के चालक और गार्ड से सम्पर्क किया गया। त्वरित कार्रवाई के चलते इंटरसिटी आउटर क्रासिंग पर रुक गई..तब रेल अधिकारियों ने राहत की साँस ली। रेलवे अधिकारी और गाँव के लोग मौके पर पहुँचे। बच्चों को बस से बाहर निकाला गया। कॉशन देकर ट्रेन को आगे के लिए रवाना किया और बच्चों को उनके घर भेजा गया। इतना सब होने के बावजूद इलाकाई पुलिस मौके पर नहीं पहुँची। इस मामले में एएसपी (पूर्वी) हरीश कुमार ने बताया कि रेलवे सुरक्षा बल से घटना की तहरहीर मिलते ही रिपोर्ट दर्ज करके कार्रवाई की जाएगी।

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