DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

अजमेर में बसपा प्रत्याशी को लेकर विरोधाभास

अजमेर लोकसभा क्षेत्र के लिए बहुजन समाज पार्टी के उम्मीदवार को लेकर विरोधाभास के हालात उत्पन्न हो गए हैं।ड्ढr संभाग प्रभारी राजेन्द्र बैरवा की माने तो संगठन ने अभी तक अपना प्रत्याशी घोषित नहीं किया है। बसपा सुप्रीमो एवं उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती 14 अप्रैल को बाबा भीमराव अम्बेडकर जयन्ती पर जयपुर में बसपा प्रत्याशियों की घोषणा कर सकती हैं। उसके बाद ही पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी सामने आ सकेंगे।ड्ढr दूसरी ओर पिछले छह माह से अजमेर में सक्रिय लोकसभा के लिए घोषित प्रत्याशी मनोज यादव का कहना है कि मायावती ने अगस्त में ही उन्हें पार्टी का अधिकृत प्रत्याशी घोषित करते हुए टिकिट देकर अजमेर भेजा था।ड्ढr बसपा के वरिष्ठ नेता तथा मंत्री धर्मवीर अशोक ने उन्हें आशीर्वाद दिया था। वे अपने तर्क में बताते है कि पार्टी अध्यक्ष ने प्रदेश की तेरह सीटों पर उम्मीदवार घोषित किए जिसकी सूची इंटरनेट पर मौजूद हैं। यादव ने कहा कि उसके बाद से ही वे सक्रिय है तथा गांव-गांव ढाणी-ढाणी दलितों के बीच जा रहे हैं। अजमेर जिले का समग्र विकास मेरी पहली प्राथमिकता है।ड्ढr दिलचस्प तथ्य यह है कि बसपा की अजमेर इकाई विधिवत गठित नहीं है केवल अघ्यक्ष की नियुक्ित की गई है और अध्यक्ष सुनील जाटव भी बीमार हैं। पार्टी का एक धड़ा यादव को प्रत्याशी मान रहा है तो दूसरा नकार रहा है प्रदेश अध्यक्ष डूंगरराम गैदर ने भी इसी पसोपेश में मंगलवार का अपना दौरा रद्द कर दिया था। मंगलवार अजमेर में बसपा कार्यकर्ताओं से मिलने का उनका कार्यक्रम था। संभाग प्रभारी घोषित करती है तो काम करने में उन्हें एतराज नहीं।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: अजमेर में बसपा प्रत्याशी को लेकर विरोधाभास