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प्रगति का ब्योरा मांगेगी सरकार

सूबे में राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना का क्या हाल है राज्य सरकार इसकी पड़ताल करेगी। योजना के कार्यान्वयन में क्या प्रगति है और किस तरह की कठिनाइयां आ रही हैं इसका ब्योरा सभी जिलाधिकारियों को बताना होगा। वह भी लाइव। राज्य सरकार ने यह तय किया है कि 13 फरवरी को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए सभी जिलाधिकारियों से सीधा संवाद कर रोजगार गारंटी योजना का ब्योरा लिया जाएगा।ड्ढr ड्ढr ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव अनूप मुखर्जी बारी-बारी से तीन चरणों में सभी 38 जिलों के जिलाधिकारियों से योजना की जानकारी लेंगे। इसके लिए कार्यक्रम भी तय कर दिए गए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार 13 फरवरी को तीन चरणों में जिलाधिकारियों से योजना की प्रगति और उसके कार्यान्वयन में आ रही कठिनाइयों का ब्योरा लिया जाएगा। जिलों को तीन ग्रुप में बांटा गया है और प्रत्येक ग्रुप से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से करीब 1 घंटा 20 मिनट का संवाद होगा। पहले ग्रुप में पटना, भोजपुर, बक्सर, रोहतास, कैमूर, नालंदा, औरंगाबाद, गया, जहानाबाद, अरवल, नवादा, भागलपुर और बांका को शामिल किया गया है।ड्ढr ड्ढr दूसरे चरण में मुजफ्फरपुर, पश्चिम चंपारण, वैशाली, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, सारण, सीवान, गोपालगंज, दरभंगा, मधुबनी और समस्तीपुर तथा तीसरे ग्रुप में मुंगेर, जमुई, लखीसराय, शेखपुरा, खगड़िया, बेगूसराय, सहरसा, मधेपुरा, सुपौल, पूर्णिया, किशनगंज, कटिहार और अररिया जिले को शामिल किया गया है। राज्य सरकार का मानना है कि रोजगार गारंटी योजना के बेहतर कार्यान्वयन के जरिए ही मजदूरों के पलायन को रोका जा सकता है। लिहाजा ग्रामीण विकास विभाग लगातार प्रयास कर रहा है कि सभी जिलों में योजना का कार्यान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।ड्ढr ड्ढr रिसोर्स पर्सन की होगी बहालीड्ढr पटना (हि.ब्यू.)। राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के सफल संचालन के लिए संसाधन पुरुष(रिसोर्स पर्सन)बहाल किए जाएंगे। इसके तहत संयुक्त सचिव स्तर के सेवानिवृत्त अधिकारियों की सेवा ली जाएगी। हालांकि वैसे ही सेवानिवृत अधिकारियों को रिसोर्स पर्सन बनाया जाएगा जिनकी उम्र 1 जनवरी 2008 को 62 वर्ष से अधिक नहीं होगी। ग्रामीण विकास विभाग के अपर सचिव एस.एम.राजू ने बताया कि अनुबंध के आधार पर 2 वर्षो के लिए रिसोर्स पर्सन बहाल किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि र्सिोर्स पर्सन के पद के लिए जिलाधिकारी के रूप में दो वर्षो का कार्यानुभव, ग्रामीण विकास विभाग या उसके अधीनस्थ कार्यालयों में डीडीसी, निदेशक (लेखा-प्रशासन) एवं प्रखण्ड विकास पदाधिकारी के रूप में कम से कम 5 वर्षो का कार्यानुभव आवश्यक है। साथ ही आवेदक का राज्य या देश के प्रतिष्ठित संस्थाओं जैसे बिपार्ड, एनआईआरडी या एसआईआरडी इत्यादि से प्रशिक्षित होना आवश्यक होगा। उन्होंने बताया कि आवेदक को सेवाकाल में कोई वृहत दंड भी नहीं मिला होना चाहिए। नियुक्त पदाधिकारियों को उनके अंतिम वेतन में से पेंशन की राशि घटकार मासिक वेतन दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि रिसोर्स पर्सन के पद पर नियुक्ित के लिए 16 फरवरी तक आवेदन किए जा सकते हैं।ं

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