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दुनिया में गंदगी से मरते हैं 2.6 करोड़ लोग

संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि विश्व में डिफेंस पर जितना खर्च किया जाता है, उसका एक प्रतिशत पैसा भी स्वच्छता पर नहीं होता। विश्व में हर साल गंदगी से होने वाली बीमारियों से 15 लाख बच्चों समेत 2.6 अरब लोग मर जाते हैं। 18 लाख लोग डायरिया से मरते हैं, जिनमें 0 प्रतिशत पांच वर्ष से कम आयु के बच्चे होते हैं। संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि विश्व के 50 प्रतिशत लोगों को सफाई संबंधी बुनियादी सुविधाएं नहीं हैं। अगर 100 करोड़ डालर खर्च किए जाएं तो वर्ष 2015 तक विश्व में स्वच्छता की समस्या खत्म हो सकती है। यह राशि पूरे विश्व में डिफेंस पर जो खर्चा होता है उस का एक प्रतिशत भी नहीं है। पूरे विश्व में लोग जितना धन बोतल बंद पानी पर खर्च करते हैं, उसी पैसे को अगर स्वच्छता पर खर्चा जाए तो स्वच्छता के स्तर पर सुधार हो सकता है। जितने पैसे की लोग आईसक्रीम खा जाते हैं, वही पैसा अगर स्वच्छता पर खर्चा जाए तो विश्व में स्वच्छता का स्तर ठीक हो सकता है। संयुक्त राष्ट्र के निर्देशानुसार भारत सहित सभी देश वर्ष 2008 को स्वच्छता व सफाई वर्ष के रूप में मना रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि अगर भारत सरकार देश को स्वच्छ व साफ कर लेती है तो उसे बड़े-बड़े अस्पताल खोलने की कोई जरूरत नहीं है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि अगर भारत सरकार एक पंचवर्षीय योजना का सारा बजट सफाई पर लगा दे तो देश में 70 से 80 प्रतिशत बीमारियां कम हो जाएंगी।

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