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फोन टैपिंग मामले में खुद घिरे अमर सिंह

टेलीफोन टैपिंग के आरोपों के साथ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने वाले समाजवादी पार्टी के महासचिव अमर सिंह अब लगता है कि खुद ही इस मामले में न्यायालय की अवमानना की चपेट में आ गये हैं। सुप्रीम कोर्ट ने गुरूवार को उन्हें नोटिस जारी कर पूछा है कि न्यायिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप के आरोप में उनके खिलाफ न्यायालय की अवमानना की कार्यवाही क्यों नहीं की जाये? गैर कानूनी रूप से टैप की गयी यह कथित टेलीफोन वार्ता उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में मुलायम सिंह यादव और सपा नेता अमर सिंह के बीच है । प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति के. जी. बालाकृष्णन की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय खंडपीठ ने टेलीफोन टैपिंग प्रकरण में अमर सिंह की याचिका पर सुनवाई के दौरान मुंबई निवासी दिनेश मंडाव्वाल की अर्जी पर सपा नेता को नोटिस जारी किया। न्यायालय ने इसके अलावा कथित रूप से गैरकानूनी तरीके से टैप किये गये सिंह के टेलीफोन के लिखित अंश प्रकाशित करने पर लगी रोक समाप्त कराने के लिये सेंटर फॉर पब्लिक इंटरेस्ट लिटीगेशंस की अर्जी पर सपा नेता के अलावा केन्द्र और दिल्ली सरकार को भी नोटिस जारी किये। न्यायालय ने केन्द्र सरकार से पूछा है कि क्या नेताआें, नौकरशाहों और उद्योगपतियों के साथ सिंह के वार्तालाप के अंशों के प्रकाशन या प्रसारण के मामले में सिंह को किसी तरह का संरक्षण मिल सकता है। अमर सिंह की याचिका पर सुनवाई के दौरान सालिसीटर जनरल गुलाम वाहनवती ने न्यायालय को सूचित किया कि टेलीफोन टैपिंग के संबंध में केन्द्र सरकार के दिशा निर्देश अधिसूचित किए जा चुके हैं। दूसरी आेर, पूर्व अतिरिक्त सालिसीटर जनरल के. टी. एस. तुलसी ने विवादास्पद टेलीफोन टैपिंग के अंशों के संदर्भ में दावा किया कि इस वार्तालाप में न्यायाधीशों, प्रमुख उद्योगपतियों के गैरकानूनी व्यावसायिक सौदों और लेन देने के बारे में सिंह के गैरकानूनी कृत्यों की झलक मिलती है। उनका दावा था कि यदि गैर कानूनी तरीके से हासिल किये गये साक्ष्य किसी मामले में स्वीकार्य हो सकते हैं तो फिर गैर कानूनी तरीके से टैप टेलीफोन की वार्ता के तथ्य न्यायालय की अवमानना कानून और भ्रष्टाचार निवारण कानून के तहत कैसे मान्य नहीं हो सकते हैं? इस पर न्यायाधीशों ने टिप्पणी की कि एक बार गैरकानूनी तरीके से टैप किये गये टेलीफोन के अंशों के प्रकाशन और प्रसारण की अनुमति देने पर मीडिया में इस तरह की सामग्री की भरमार हो सकती है।

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  • Web Title: फोन टैपिंग मामले में खुद घिरे अमर सिंह