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न ‘राम-राम’ और न ही ‘हे राम’

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के अंतिम शब्दों को लेकर चल रहे विवाद में एक और नई बात जुड़ गई। गांधीजी के सहयोगी रहे 85 वर्षीय कल्याणम वेंकटरमण ने दावा किया है कि गोडसे की गोली खाकर जब बापू जमीन पर गिरे तो उनके मुंह से कुछ भी नहीं निकला। वह तुरंत ही अचेत हो गए थे। उन्होंने न तो ‘हे राम’ कहा और न ‘राम राम’। 1से लेकर 1तक बापू के मृत्युर्पयत उनके साथ काम करने वाले वेंकटरमण ने बताया कि घटना के वक्त वह बापू के बिल्कुलड्ढr करीब थे। उन्होंने बताया कि पुलिस ने उनसे और वहां मौजूद किसी भी व्यक्ित से बापू के अंतिम शब्दों के बारे में कुछ भी तहकीकात नहीं की, जबकि एफआईआर में पुलिस ने लिखा कि एक व्यक्ित ने गांधीजी के मुंह से ‘राम राम’ की मर्मर आवाज सुनी थी। वेंकटरमण ने कहा कि सच्चाई यह है कि बापू के मुख से एक भी शब्द नहीं निकला। वह बेहद निरापद और निराश व्यक्ित के रूप में मरे।ं

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