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तीसरा मोर्चा एकजुट, दिखाएंगे ताकत: वाम

वामपंथी नेताआें ने कांग्रेस एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से इतर धर्मनिरपेक्ष दलों के मोर्चे की सरकार बनाने का संकल्प दोहराते हुए कहा है कि तीसरा मोर्चा एकजुट है और इसकी ताकत आगे बढ़ती ही जाएगी। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव एबी बर्धन तथा फारवर्ड ब्लाक के महासचिव देवव्रत विश्वास ने बुधवार को कहा कि सभी गैर कांग्रेस, गैर भाजपा, धर्मनिरपेक्ष दलों के लिए मोर्चे के दरवाजे खुले हैं और उन्हें भरोसा है कि चुनाव नतीजे आने के बाद कई दल इसमें शामिल होंगे। दोनों नेता मोर्चे के अपने सहयोगी तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के भाजपानीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में जाने और जनता दल (सेकुलर) के नेता कुमार स्वामी की कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात के मद्देनजर जेडीएस के संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) में जाने की अटकलों के बीच बुधवार सुबह नई दिल्ली में माक्र्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी मुख्यालया में तीनों दलों के महासचिवों की आनन फानन में हुई बैठक के बाद संवाददाताआें से बातचीत कर रहे थे। माकपा मुख्यालय एके गोपालन भवन में करीब एक घंटे चली बैठक के बाद बर्धन ने अमृतसर में राजग नेताआें की हाल की रैली में टीआरएस नेता के चंद्रशेखर राव की शिरकत के बारे में संवाददाताआें के सवालों पर कहा कि टीआरएस के जाने से तीसरे मोर्चे की सेहत पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सभी धर्मनिरपेक्ष दलों के लिए मोर्चे के दरवाजे खुले हैं और 16 मई को चुनाव नतीजे आने के बाद मोर्चे की ताकत बढ़ेगी। बैठक के बारे में चर्चा में फारवर्ड ब्लाक के नेता विश्वास ने कहा कि पांचवें एवं अंतिम चरण के मतदान के लिए चुनाव प्रचार समाप्त होने के बाद तीनों वाम दलों के महासचिवों ने अपने अपने अनुभवों, आकलनों एवं विश्लेषणों की एक दूसरे के साथ साझेदारी की। तीसरे मोर्चे के घटकों के भाजपा नीत राजग या कांग्रेस नीत संप्रग की आेर भागना शुरू हो जाने की खबरों पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि तीसरे मोर्चे की संभावनाआें से घबराकर दोनों कथित राष्ट्रीय पार्टियां इसके घटकों को बहकाने, फुसलाने की कोशिशों में जुट गए हैं लेकिन मोर्चा एकजुट है और रहेगा। कर्नाटक में तीसरे मोर्चे के घटक जेडीएस के नेता कुमारस्वामी की सोनिया गांधी से मंगलवार रात हुई मुलाकात के बारे में एक सवाल पर विश्वास ने याद दिलाया कि जेडीएस नेता एवं पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौडा और उनके पुत्र कुमारस्वामी भी मोर्चे में बने रहने की बात कह चुके हैं। उन्होंने केन्द्र में गैर-कांग्रेस, गैर-भाजपा धर्मनिरपेक्ष दलों की सरकार बनाने का संकल्प दोहराया। रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी के महासचिव टीजे चंदचूडन राजधानी से बाहर होने के कारण बुधवार की बैठक में शामिल नहीं हो सके। आगामी 16 मई को चुनाव नतीजे आने के बाद 17 मई की सुबह ठोस आंकडों के साथ चारों वामपंथी पार्टियों की फिर बैठक होगी। तीसरे मोर्चे में फूट की अटकलों के बीच माक्र्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) महासचिव प्रकाश करात ने स्पष्ट किया है कि मोर्चे के सभी घटक एकजुट हैं और ये सभी चुनाव परिणाम की घोषणा के बाद केन्द्र में गैर कांग्रेसी, गैर भाजपाई धर्मनिरपेक्ष सरकार बनाने के बारे में विचार करने के लिए 18 मई को नई दिल्ली में महत्वपूर्ण बैठक करेंगे जिसमें बहुजन समाज पार्टी भी शामिल होगी। प्रकाश करात ने बुधवार को नई दिल्ली में एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि इस बैठक में चारों वामपंथी पार्टियों के अलावा चन्द्रबाबू नायडू के नेतृत्व वाली तेलुगू देशम पार्टी, जे जयललिता के नेतृत्व वाली पार्टी अन्नाद्रमुक के अलावा बीजू जनता दल (बीजद), जनता दल (एस) भी भाग लेंगे। उन्होंने बताया कि 16 मई को चुनाव परिणाम की घोषणा के दूसरे दिन 17 मई की सुबह चारों वामपंथी दलों की बैठक होगी जिसमें भावी रणनीति की दशा दिशा तय की जाएगी। इसके अलावा 18 मई को माक्र्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के पोलित ब्यूरो की तथा 1मई को पार्टी की केन्द्रीय समिति की बैठक होगी। उन्होंने एक सवाल के जबाव में कहा कि एचडी देवेगौडा और चन्द्रबाबू नायडू तीसरे मोर्चे के साथ हैं। उन्होंने कहा कि नायडू तीसरे मोर्चे के महत्वपूर्ण स्तंभ हैं और उनसे सहमति के बाद ही तीसरे मोर्चे के नेताआें की बैठक तय की गई है।

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