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बिहार में स्थायी बदलाव के लिए हो चिंतन

लोक आवाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष व जदयू के राष्ट्रीय महासचिव सह प्रवक्ता डॉ. शंभूशरण श्रीवास्तव ने कहा है कि अगर सूबे में कृषि पर अपेक्षित ध्यान देने के साथ-साथ रोजगार सृजन नहीं किया गया तो विधि-व्यवस्था की स्थिति फिर पहले वाली स्थिति में पहुंच जाएगी। गुरुवार को अपने आवास पर आयोजित संवाददाता सम्मेलन में डॉ. श्रीवास्तव ने कहा कि नीतीश सरकार अच्छा काम कर रही है और इससे आम लोगों में विकास की उम्मीद जगी है। स्थिति 15 वर्षो की तुलना में काफी बेहतर हुई है, लेकिन समय आ गया है कि अब अतीत से तुलना की बजाए बिहार का विकास उसकी समस्याओं के अनुरूप हो रहा है या नहीं, इस पर बहस हो। यही नहीं, हमें यह भी चिंतन करना होगा कि जो बदलाव बिहार में आया है, वह स्थायी कैसे हो।ड्ढr ड्ढr डॉ. श्रीवास्तव ने कहा कि रोजगार व उच्च शिक्षा पाने के लिए सूबे से अब भी पलायन हो रहा है। प्राथमिक व माध्यमिक शिक्षा के क्षेत्र में तो काफी काम हुए हैं, लेकिन उच्च शिक्षा का क्षेत्र अब भी बहुत कुछ खोज रहा है। रोजगार के कारण पलायन से श्रम संसाधन की बर्बादी हो रही है। कृषि के साथ ही श्रम आधारित उद्योगों का विकास इस राज्य के लिए अपरिहार्य है। पूंजी आधारित उद्योग से अपेक्षित विकास संभव नहीं। उनके अनुसार इन्हीं सब को ध्यान में रखकर लोक आवाज की ओर से 10 फरवरी को ‘बिहार में रोजगार निर्माण एवं कृषि विकास’ विषय पर राज्यस्तरीय सेमिनार आयोजित किया गया है। इसमें प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार एस.सी. झा समेत अनेक विद्वान हिस्सा लेंगे। संवाददाता सम्मेलन में पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष उदयकांत चौधरी व पार्टी के वरिष्ठ नेता खुर्शीद अहमद भी उपस्थित थे।ं

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