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फर्टिलाइजर इंडस्ट्री के लिए तोहफे की तैयारी

संकेत हैं कि यूपीए बजट के बहुप्रतीक्षित कृषि पैकेज में देसी फर्टिलाइजर इंडस्ट्री पर विशेष कृपा होगी। सूत्रों के मुताबिक वित्त मंत्री इस उद्योग को टैक्स छूट के साथ-साथ इंपोर्ट-ड्यूटी राहत देने पर भी विचार कर रहे है। सरकार काफी समय से यह महसूस कर रही है कि विदेशी कम्पनियों के कार्टल बना लेने से आयात का बिल काफी बढ़ गया है। पिछले वर्ष भारत में कुल आयातित यूरिया का 20 फीसदी और डीपीए का लगभग 40 फीसदी आयात करना पड़ा। अन्य फर्टिलाइजर एमओपी के लिए भी देश को आयात पर निर्भर रहना पड़ा। यदि सरकार चाहे तो इन फर्टिलाइजर्स की डय़ूटी घटाकर इनका बाजार मूल्य कम कर सकती है लेकिन ऐसा करने से स्थानीय निर्माताओं को हानि होगी। इसीलिए इस विकल्प को छोड़ सरकार अब स्थानीय निर्माण इकाई लगाने पर प्रोत्साहन देने पर विचार कर रही है। इस विषय में भारतीय कम्पनियां भी रुचि दिखा रही हैं। रिलायंस इंडस्ट्री ने आंध्र सरकार को प्रदेश में फर्टिलाइजर प्लांट लगाने का प्रस्ताव किया है। रिलायंस को कृष्णा-गोदावरी बेसिन से प्लांट के लिए अपेक्षित गैस मिल जाएगी। निवेश को आर्कषक बनाने के लिए नई फर्टिलाइजर पॉलिसी में कम्पनियों को कीमत तय करने की छूट देने का प्रस्ताव भी पेश किया जा सकता है। इस साल फर्टिलाइजर सब्सिडी बिल 45,000 करोड़ रुपये हो जाने का अनुमान है। शायद उसी को ध्यान में रखते हुए वित्तमंत्री चिदंबरम सब्सिडी कम करने के उपायों की तलाश में जुटे हैं। वित्त मंत्रालय को आशा है कि वह फर्टिलाइजर मंत्रालय को नए सब्सिडी डिलीवरी मकैनिज्म को स्वीकार करनेपर राजी कर लेगा। नॉर्थ ब्लॉक के प्रयासों को अभी तक सकारात्मक सहमति संकेत नहीं मिले हैं, कम से कम कृषि मंत्री शरद पवार की अध्यक्षता में हुई मंत्री समूह की बैठक से तो यही लगता है।

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  • Web Title: फर्टिलाइजर इंडस्ट्री के लिए तोहफे की तैयारी