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विरोध प्रदर्शन में शामिल नहीं थी भाजपा

प्रदेश विधानमंडल के बजट सत्र की शुरुआत शुक्रवार को ऐतिहासिक हंगामे से हुई। पूर्वाह्न् 11 बजे विधानसभा मंडप में दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में राज्यपाल जैसे ही आए वैसे ही सपा सदस्यों के साथ ही कांग्रेस और राष्ट्रीय लोकदल के सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया। सपा सदस्यों ने उन्हें काले झंडे दिखाए और सदन में काले गुब्बारे छोड़े और कुछ गुब्बारे फोड़े भी। सपा के सदस्य नारेबाजी करते हुए सदन के रिपोर्टर के टेबल पर भी चढ़ गए। सदन में नेता विपक्ष मुलायम सिंह यादव भी मौजूद थे।ड्ढr भाजपा छोड़ अन्य सभी विपक्षी दलों के सदस्य अपने हाथ में नारे लिखे बैनर और तख्तियाँ लिए थे जिसमें मायावती सरकार को बर्खास्त करने की माँग की गई थी। सपा सदस्यों ने सदन के बीच फर्श पर आकर सरकार को सभी मोर्चे पर असफल बताया। सदन में हो रहे हंगामे और नारेबाजी में भाजपा शामिल नहीं थी। भाजपा ने एक दिन पूर्व ही ऐलान कर दिया था वह राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान शोर-शराबा या उसका बहिष्कार नहीं करेगी। हंगामे के बीच मुख्यमंत्री मायावती सदन से बाहर चली गईं। विपक्षी सदस्य पिछले चार साल से सूखे की मार झेल रहे बुंदेलखंड क्षेत्र में आत्महत्या और भूख से होने वाली मौतों, वैट लागू किए जाने और इटावा में पुलिस फायरिंग में एक छात्र की मौत को लेकर विरोध कर रहे थे।ड्ढr सपा सदस्यों के छोड़े गए काले गुब्बारे विधानसभा मंडप की छत से चिपके दिखाई दे रहे थे। प्रदेश विधानसभा में यह पहला मौका था जब सदस्य काले गुब्बारे लेकर आए थे। राज्यपाल के जाने के बाद 12.30 बजे जब विधानसभा की बैठक शुरू हुई तब विधानसभाध्यक्ष सुखदेव राजभर ने कहा कि सदन में काले झंडे व गुब्बारे कैसे आए, इसे सुरक्षा की खामियों के रूप में देखा जा रहा है। दूसरी ओर, इस घटना को लेकर कैबिनेट सचिव शशांक शेखर सिंह, मुख्य सचिव पीके मिश्र और प्रमुख सचिव गृह जेएन चैम्बर ने ऐसी घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए एक उच्चस्तरीय बैठक भी की।

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