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केन्द्र से यूपी को नहीं मिल रहा है अपेक्षित सहयोग

उत्तर प्रदेश विधानमण्डल के संयुक्त अधिवेशन में राज्यपाल टी.वी.राजेस्वर ने केन्द्र सरकार पर तीखे हमले किए। राज्यपाल ने शुक्रवार को अपने अभिभाषण में कहा कि केन्द्र प्रदेश की उपेक्षा कर रही है। मायावती सरकार द्वारा तैयार किए गए अभिभाषण में उन्होंने कहा कि केन्द्र से वांछित आर्थिक सहायता के अभाव में राज्य सरकार को विकास और समृद्धि की बड़ी योजनाआें को लागू करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हमें उम्मीद है कि उत्तर प्रदेश के विकास के लिए केंद्र से वांछित सहयोग मिलेगा।ड्ढr विपक्ष के हंगामे के कारण राज्यपाल ने पृष्ठ के अभिभाषण को मात्र दो मिनट में निपटाने की औपचारिकता पूरी की। उन्होंने लिखित अभिभाषण में कहा कि विकास के लिए केन्द्र का सहयोग आवश्यक है लेकिन राज्य को इससे वंचित रखा जा रहा है। प्रदेश सरकार ने कभी भी केन्द्र से टकराव का रास्ता नहीं अपनाया और हमेशा सहयोग की अपेक्षा की। उन्होंने कहा कि पिछले चार साल से सूखे की मार झेल रहे राज्य के बुंदेलखंड क्षेत्र में राहत और विकास के लिए प्रदेश सरकार ने केन्द्र से विशेष पैकेज देने का कई बार आग्रह किया लेकिन अनुरोध को स्वीकार नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि केन्द्र से कोई सहयोग न मिलने के बावजूद राज्य सरकार ने बुंदेलखंड को सूखे से मुक्ित दिलाने के लिए 1600 करोड़ रूपए की अभिनव कार्ययोजना शुरू की है। राज्यपाल ने कहा कि राज्य सरकार की सवर्ोच्च प्राथमिकता कानून और व्यवस्था को बेहतर बनाना है। प्रदेश की साम्प्रदायिक स्थिति संवेदनशील होते हुए भी प्रशासनिक चुस्ती से स्थिति नियंत्रण में रही।ड्ढr श्री राजेस्वर ने दावा किया कि वर्ष 2006 की तुलना में वर्ष 2007 में सभी तरह के अपराधों में कमी आई है। कुछ इस तरह मिले मुलायम और मायावती।ड्ढr विधानसभा (विसं)। विधानसभा में परिस्थितियाँ बाद में भले ही बिगड़ गई हों, लेकिन बजट सत्र की शुरूआत सद्भावना और परंपरा के निर्वाह के साथ हुई। शुरूआत में विधानसभा में नेता सदन यानी मुख्यमंत्री मायावती ने सदन में प्रवेश करते ही नेता विपक्ष मुलायम सिंह यादव सहित विपक्षी नेताओं का पारंपरिक रूप से अभिवादन किया। वे मुलायम सिंह की सीट के सामने जाकर रुकीं और हाथ जोड़कर उनका अभिवादन किया। मुलायम सिंह भी शिष्टाचार बरतने में पीछे नहीं रहे। वह भी मायावती के अभिवादन के जवाब में खड़े हो गए और हाथ जोड़े। उल्लेखनीय है कि एक-दूसरे के कट्टर राजनैतिक प्रतिद्वंदी माने जाने वाले दोनों नेता करीब 12 साल बाद एक दूसरे के आमने-सामने हुए। कुछ माह पहले ही मायावती सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में मुलायम सिंह यादव राजभवन गए थे। तब भी यह कयास लगाए जा रहे थे कि दोनों का आमना-सामना होगा लेकिन मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद मायावती मंच से उतर कर चली गई थीं।ड्ढr विधानसभा असुरक्षित है: स्पीकरड्ढr विधानसभा (प्रसं)। विधानसभा अध्यक्ष सुखदेव राजभर ने शुक्रवार को कहा कि विधानसभा सचिवालय असुरक्षित है। कोई बड़ी घटना न हो, इसीलिए सुरक्षा व्यवस्था की गई है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विधायकों की तलाशी विषम परिस्थितियों में ही होगी और वह भी सचिवालय सुरक्षाकर्मियों द्वारा। सुरक्षाकर्मी चाहें तो बिना तलाशी के भी सदस्यों को जाने दे सकते हैं। श्री राजभर अपने कार्यालय कक्ष में पत्रकारों से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश का गृह विभाग इस बात की जाँच करेगा कि गुब्बारों में किस तरह की गैस थी? इसका क्या दुष्प्रभाव हो सकता था? गुब्बारे कैसे आए? गैस कहाँ भरी गई? उन्होंने कहा कि सदन में जो कुछ भी हुआ वह निन्दनीय है। कल और भी कोई विषैली गैस लाई जा सकती है। गैस से आग भी लग सकती है। हम चाहते हैं कि सदन भी सुरक्षित रहे और सभी सदस्य भी। इसीलिए नई व्यवस्था लागू करने को कहा गया है। बहरहाल, सुरक्षा जाँच में सदस्यों की गरिमा का पूरा ध्यान रखा जाएगा। एक सवाल के जवाब में श्री राजभर ने कहा कि गेटों पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पूरी सुरक्षा व्यवस्था देखेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि घटना की जाँच सौंपते हुए गृह विभाग से अपेक्षा की गई है कि वहोशीघ्र इसकी जाँच कराकर आख्या भिजवाएँ।

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