DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

एनटीपीसी में 50 करोड़ से अधिक का पीएफ घोटाला

एनटीपीसी जीएम पर प्राथमिकी दर्ज होने के बाद शुक्रवार को प्रबंधन ने निजी सुरक्षाकर्मियों के पीएफ के आठ लाख रुपए पीएफ आयुक्त कार्यालय में जमा कर दिए। प्राथमिकी दर्ज होने से एनटीपीसी में हड़कंप मच गया है। यदि सही ढंग से जांच हो तो पीएफ घोटाला 50 करोड़ से अधिक तक जा सकता है। इसमें दर्जनों ठेका एजेंसियां फसेंगी जिनके बारे में तकरीबन 10 हजार संविदा मजदूरों के पीएफ का पैसा हजम करने की बात कही जा रही है।ड्ढr ड्ढr एनटीपीसी के डीजीएम थोमस बर्की, प्रबंधक जेडए खान और कार्मिक पदाधिकारी जाकिर खान 8 लाख का बैंक चलान लेकर शुक्रवार को भविष्य निधि आयुक्त कार्यालय पहुंचे और आयुक्त आेपी दूबे से मिलकर चलान सौंपा। यह राशि सिक्यूरिटी एजेंसियों के सुरक्षागाडर्ों के वेतन से काटे जाने के बाद भी जमा नहीं की गई थी। ऐसे सुरक्षागाडरे की संख्या 130 बताई गई है। प्रधान नियोक्ता होने के कारण एनटीपीसी की जिम्मेदारी थी पीएफ की राशि को जमा करवाना। इसी मामले में भविष्य निधि आयुक्त के निर्देश पर कहलगांव थाने में जीएम पर प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। चर्चा है कि पुलिस पहले प्राथमिकी दर्ज करना नहीं चाहती थी। एनटीपीसी प्रबंधन का अफसरों से दोस्ताना रिश्ता रहा है। एनटीपीसी प्रबंधन और ठेकेदारों द्वारा कानून को कुछ नहीं समझने का ही परिणाम है कि 10 हजार से अधिक संविदा मजदूरों के पीएफ का पैसा कहां गया यह उनको पता नहीं है।ं

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: एनटीपीसी में 50 करोड़ से अधिक का पीएफ घोटाला