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जरदारी की मंशा

तमाम पाकिस्तान में इस समाचार पर हाहाकार मचा हुआ है कि दक्षिणी वजीरिस्तान में तालिबान और अलकायदा के समर्थकों पर बम वर्षा करने वाले हेलीकॉप्टर विमान को नष्ट कर दिया है और पाकिस्तानी सेना के सीनियर कमांडर मेजर जनरल सुलतान जावेद और उसके दो ब्रिगेडियरों सहित पांच सैनिक अधिकारियों की मौत हो गई है। इसका नतीजा यह हुआ है कि तालिबानियों ने घोषणा कर दी है कि हमने अपनी आेर से लड़ाई रोक दी है। पाकिस्तानी समाचारपत्रों ने अमेरिकी सूत्रों का हवाला देकर लिखा है कि पाकिस्तान के तमाम बड़े नेताआें पर हमले हो सकते हैं, जिनमें परवेज मुशर्रफ व दूसरे मंत्री भी शामिल हैं। कहा जाता है कि इन सबकी सुरक्षा न की गई तो पाकिस्तान का वजूद खतरे में पड़ जाएगा। ‘डॉन’ और ‘नवाएवक्त’ ने सरकारी प्रवक्ता के इस बयान को महत्व नहीं दिया कि पाकिस्तानी हेलीकॉप्टर किसी तकनीकी खराबी के कारण नष्ट हो गया था। इस दौरान बेनजीर के पति आसिफ जरदारी ने कहा है कि 18 फरवरी को जो चुनाव होंगे, इसके लिए पार्टी यह तय करेगी कि उसका नेता कौन हो। पंजाब में सरकारी लीग के मुख्यमंत्री चौधरी परवेज इलाही प्रधानमंत्री बनने का इच्छुक है। हमारी पार्टी फैसला करेगी कि कौन प्रधानमंत्री बने। मैंने 11 साल से ज्यादा जेल में गुजारे हैं। पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी ने बेनजीर की हाथ की लिखी हुई वसीयत जारी कर दी है। इसके मुताबिक बेनजीर ने लिखा है कि मैं पाकिस्तान के भविष्य को लेकर चिंतित हूं। कृपया आतंकवाद, तानाशाही, गरीबी और जहालत के विरुद्ध लड़ते रहें। मैं चाहती हूं कि अंतरिम समय के लिए आप मेरे पति आसिफ जरदारी को अपना नेता मानें और बाद में जो आप ठीक समझें वह करें। मैं यह इसलिए कह रही हूं कि मेरे पति आसिफ जरदारी एक हिम्मत वाले और इज्जत वाले इंसान हैं और उन्होंने साढ़े ग्यारह वर्ष जेल में बिताए और यातनाएं सहने पर भी नहीं झुके और पार्टी को जिंदा रखा। इसके मुखालिफ यह कह रहे हैं कि इसका मतलब यह हुआ कि असली नेता जैसे बखदूम अमीन फाहिम लीडर और प्रधानमंत्री न बन सके। जरदारी के खिलाफ कई मुकदमे चल रहे हैं, इसमें उसको फांसी की सजा भी मिल सकती है। सरकारी लीग से संबंध रखने वाले पंजाब के मुख्यमंत्री ने कहा है कि मैंने पाकिस्तान के हितों के लिए आपात्काल और मार्शल लॉ लगाने का मशवरा दिया था। शौकत अजीज ने प्रधानमंत्री की हैसियत से देश को बहुत नुकसान पहुंचाया है। उसे सजा मिलनी चाहिए। समाचारपत्रों ने लिखा है कि बेनजीर की हत्या के बाद खून-खराबे में जिन लोगों को नुकसान पहुंचा, उन्हें मुशर्रफ ने मुआवजा देने का फैसला किया है। परंतु यह मुआवजा उन्हें ही मिलेगा, जो मुशर्रफ की हिमायत करे। रावलपिंडी में कुछ लड़के पकड़े गए हैं, जिन्होंने बेनजीर की हत्या में हिस्सा लिया था। तमाम पाकिस्तान में खाने-पीने की वस्तुएं तस्करों के हवाले की जा रही हैं, जिस कारण जनता दुखी है।

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