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5 आईटीआई के विकास को सहमति पत्र पर हस्ताक्षर

सूबे के पांच औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) के विकास के लिए सरकार ने पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) के तहत करार किया है। उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी की मौजूदगी में सहमति पत्र पर दस्तखत श्रम संसाधन विभाग के प्रधान सचिव व्यासजी एवं औद्योगिक इकाइयों के अध्यक्ष ने किए।ड्ढr ड्ढr श्री मोदी ने कहा कि सरकार अगले सत्र में ऐसे छह नए संस्थान खोलेगी। बाद में हर जिले में एक केन्द्र खोला जाएगा। वहीं निजी क्षेत्र में अब कुल मिलाकर 108 आईटीआई केन्द्र हो जाएंगे। सरकार की योजना आईटीआई प्रशिक्षणार्थियों का कम्प्यूटर और अंग्रेजी ज्ञान से समृद्ध करने की भी है। उन्होंने कहा कि इन संस्थानों में आज की जरूरतों के अनुरूप ट्रेड विकसित किए जाएंगे और इनको राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाया जाएगा। जिन सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों को निजी क्षेत्र के हवाले किया गया है उनमें हाजीपुर, मुंगेर, डेहरी, महिला आईटीआई मुजफ्फरपुर और दरभंगा हैं।ड्ढr ड्ढr इनमें हाजीपुर (फूड प्रोसेसिंग सेक्टर) के लिए बतौर इंडस्ट्री पार्टनर आम्रपाली फुड्स के केपीएस केशरी, मुंगेर (इलेक्िट्रकल सेक्टर) के लिए आईटीसी के शाखा प्रबंधक वैदीराज कुलकर्णी, डेहरी (फैब्रिकेशन सेक्टर) के लिए कल्याणपुर सीमेंट्स के महाप्रबंधक एसएम झा और मुजफ्फरपुर (आईटी सेक्टर) के लिए उत्तम टेक्नोलॉजी के डा. यूके सिंह ने करार पर दस्तखत किए। इस मौके पर व्यासजी ने बताया कि राज्य में पीपीपी मॉडल को बढ़ावा देने के लिए केन्द्र सरकार द्वारा संेटर ऑफ ऐक्िसलेंस के तहत हर संस्थान को 2.5 करोड़ रुपए सॉफ्ट लोन की सूदमुक्त राशि सीधे संस्थान प्रबंधन को उपलब्ध करायी जाएगी।ड्ढr ड्ढr इस योजना के तहत राज्य के पांच संस्थानों के लिए वर्ष 2007-08 के लिए स्वीकृति मिल चुकी है। इस मौके पर विभाग के अपर सचिव पीएन झा, निदेशक (प्रशिक्षण एवं नियोजन) प्रदीप कुमार, सीआईआई के अध्यक्ष सत्यजीत सिंह, कल्याणपुर सीमेंट्स के एमडी एसपी सिन्हा और बीआईए के सचिव बी प्रसाद मौजूद थे।

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  • Web Title: 5 आईटीआई के विकास को सहमति पत्र पर हस्ताक्षर