DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

नीतीश पर पथराव सरकार की अदूरदर्शिता का परिणाम :राबड़ी

विरोधी दल की नेता राबड़ी देवी ने कहा है कि राज्य सरकार कानून और व्यवस्था के मोर्चे पर असफल है। अब मुख्यमंत्री का कुनबा भी सुरक्षित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया है कि राज्य में सत्ताधारी दल के नेताआें, अपराधियों और कतिपय पुलिस अधिकारियों के बीचगठजोड़ बन गया है। राज्य सरकार ऐसे तत्वों पर कार्रवाई से हिचकती है क्योंकि उसके कई आका नाराज हो जाएंगे।ड्ढr ड्ढr उन्होंने कहा है कि मुख्यमंत्री पर पथराव और लाठी चार्ज की घटना राज्य सरकार की अदूरदर्शिता का परिणाम है। यह घटना और भी गंभीर इसलिए है कि मुख्यमंत्री के साथ पूर्व राष्ट्रपति डा. कलाम भी थे। जब मुख्यमंत्री का कार्यक्रम डा. कलाम के साथ था तो सुरक्षा में इतनी ढील क्यों दी गई। राबड़ी देवी ने कहा है कि भूमि अधिग्रहण के मामले में किसानों को न केवल पर्याप्त मुआवजा मिलना चाहिए बल्कि उनका पुनर्वास भी होना चाहिए। नालंदा में विश्वविद्यालय के लिए जो भूमि ली गई है उसके लिए तय की गई मुआवजे की राशि बाजार से बहुत कम है। जब जिलाधिकारी मुआवजा देने गए थे तो किसानों ने इसका कड़ा विरोध किया था। उनलोगों ने कह दिया था कि जब तक समुचित मुआवजे का भुगतान नहीं होगा, वे लोग भूमि पर कब्जा नहीं होने देंगे। इसके बावजूद उनकी अनदेखी की गई और मुख्यमंत्री पूर्व राष्ट्रपति को लेकर वहां चले गए। यह घटना एक तरफ राज्य में सुरक्षा की स्थिति की पोल खोलती है तो राज्य के खुफियातंत्र की नाकामी का जबर्दस्त उदाहरण भी हैे।ड्ढr ड्ढr सरकार की गलत नीति का नतीजा : कांग्रेसड्ढr पटना (हि.ब्यू.)। कांग्रेस ने नालंदा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर हुए हमले को राज्य सरकार की गलत नीति का परिणाम बताते हुए कहा है कि कम कीमत पर जबरन भूमि का अधिग्रहण अनुचित है। प्रदेश प्रवक्ता प्रेमचन्द्र मिश्रा ने कहा कि सरकार को भूमि का उचित मूल्य देकर ही आम सहमति के माध्यम से भूमि का अधिग्रहण करना होगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को नन्दीग्राम एवं सिंगूर की घटनाओं से सबक लेना चाहिए एवं भूमि अधिग्रहण को लेकर सुविचारित नीति बनानी चाहिए। सरकार पिलखी के गरीब किसानों पर बल प्रयोग करने के बदले उन्हें भूमि का उचित मूल्य दिलाने का काम करे।ड्ढr ड्ढr विरोधियों की साजिश : मोनाजिरड्ढr पटना (हि.ब्यू.)। मुख्यमंत्री पर हुए हमले को भवन निर्माण मंत्री डा. मोनाजिर हसन ने विरोधियों की साजिश करार दिया है। उन्होंने कहा है कि यह राज्य ही नहीं पूरे देश के लिए दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। नालंदा अन्तर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालय की पुनर्स्थापना देश ही नहीं वरन पूरे विश्व के लिए अभूतपूर्व कार्य है। ऐसे में पूर्व राष्ट्रपति डा. एपीजे अब्दुल कलाम के बिहार दौरे पर जब पूरे देश की नजर लगी हुई थी, विरोधियों ने यह कुकृत्य कर राज्य का सिर शर्म से झुका दिया है। ऐसे ही असामाजिक तत्वों के कुकृत्यों के कारण मुम्बई और असम में बिहारियों को अपमानजनक स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। वहीं पूर्व केन्द्रीय मंत्री डा. सीपी ठाकुर ने कहा है कि जो व्यक्ित बिहार के विकास में दिन-रात लगा हुआ है उसपर पत्थर फेंकना अपने ऊपर पत्थर फेंकने के समान है। बिहार के निर्माण एवं विकास में साथ देना प्रदेशवासियों का दायित्व है। नालंदा अन्तर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालय के चालू होने से प्रदेश की खोयी प्रतिष्ठा फिर से लौटेगी। राजद के पूर्व प्रदेश प्रवक्ता सुरेन्द्न कुमार स्वतंत्र ने भी इस घटना की कड़ी निन्दा करते हुए कहा है कि ऐसी घटना स्वस्थ राजनीति के विरुद्ध है। उन्होंने कहा है कि राजनेताओं एवं कार्यकर्ताओं को परम्परा के अनुरूप आचरण करना चाहिए।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: नीतीश पर पथराव सरकार की अदूरदर्शिता का परिणाम :राबड़ी