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मिग 29 विमानों को उन्नत करेगा भारत

स के साथ रक्षा संबंधों को एक बार फिर से पटरी पर लाते हुए भारत अपने 67 मिग और 2लड़ाकू विमानों के बेड़े को 80 करोड़ डालर से अधिक की लागत पर रूसी आरएसके मिग से उन्नत बनाने को राजी हो गया है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार मिग 2विमान को उन्नत बनाने के क्रम में दूसरी उप प्रणालियों को खरीदने का अधिकार भारत सुरक्षित रखेगा, जिसमें इजरायली मिसाइलें तथा फ्रांस एवं इजरायल से लिए गए वैमानिक एवं इलैक्ट्रॉनिक युद्धकौशल के उपकरण लगाना शामिल है। रूस द्वारा विमानवाही पोत एडमिरल गर्ोश्कोव को नए सिरे से सुसजित करने की कीमत एक अरब 20 करोड़ डॉलर अधिक मांगने से दोनों देशों के बीच रक्षा संबंधों में पिछले कुछ महीने से ठहराव चल रहा था, लेकिन मिग 2ो उन्नत बनाने का भारत का यह निर्णय संकेत देता है कि संबंधों की बर्फ पिघलने लगी है। रूस के लिए यह सफलता ऐसे समय सामने आई है जब प्रधानमंत्री जुबकोव अगले सप्ताह भारत यात्रा पर आ रहे हैं। संबंधों को प्रगाढ़ बनाने और भारत के रक्षा बाजार में अपनी उपस्थिति मजबूत बनाए रखने की कवायद में रूस यहां मंगलवार से अलग से एक रूसी सूचना केंद्र स्थापित करने जा रहा है। यह केंद्र भारत में रूसी वर्ष 2008 के प्रचार का जिम्मा संभालेगा तथा रूस के शीर्ष रक्षा एवं व्यावसायिक नेतृत्व को भारत के मीडिया के सामने पेश करेगा। मिग 2ो उन्नत बनाने से इन लड़ाकू विमानों की आयु ढ़ाई से चार दशक तक के लिए बढ़ जाएगी। भारतीय वायु सेना मिग 27 और मिराज 2000 को भी उन्नत बनाने की योजना पर सक्रियता से काम कर रही है।

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