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नेताआें की नई पौध और पाक की उम्मीदें

इनके पास विदेशों के प्रतिष्ठित शिक्षा संस्थानों की डिग्रियां हैं। इनके नाम पाकिस्तान के प्रतिष्ठित नामों से जुड़े हुए हैं, और ये धमाकों के आदी हो चुके देश की बागड़ोर संभालने को तैयार हैं। पर क्या पाकिस्तान की नई पीढ़ी कुछ ऐसा कर पाएगी, जिसे हम परिवर्तन कह सकें? पंजाब प्रांत के पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी परवेज इलाही के बेटे मूनिस इलाही, पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के भतीजे और पंजाब प्रांत के पूर्व मुख्यमंत्री शाहबाज शरीफ के बेटे हामजा शाहबाज शरीफ चुनावी मैदान में आ डटे उन चंद युवाआें में हैं, जिनकी चर्चाएं आजकल जोरों पर हैं। इनके अलावा पाकिस्तान पीपल्स पार्टी के नेता नबील गबोल की भतीजी 28 वर्षीय नादिया गबोल और पूर्व नौकरशाह माहताब अकबर रश्दी के बेटे 26 वर्षीय रफाई अकबर रश्दी भी राजनीति में आ रहे हैं। पंजाब के पूर्व शीर्ष नेताआें से जुड़े 33 वर्षीय हामजा और 31 वर्षीय मूृनिस के बीच बहुत कम बातें समान हैं। हामजा ने उस वक्त जीवन के उतार-चढ़ाव का अनुभव किया, जब 1में रक्तविहीन तख्ता पलट में जनरल परवेज मुशर्रफ ने उनके पिता को गद्दी से हटा दिया था। पिछले साल नवंबर में नवाज शरीफ के पाकिस्तान लौटने तक वह मुशर्रफ के आवासीय प्रवक्ता रहे। दूसरी आेर मूनिस ने सिर्फ उठान देखा। हामजा पुराने लाहौर से पीएमएल की उम्मीदवारी लेकर पहली बार नेशनल असेंबली का चुनाव लड़ रहे हैं। इनके पास प्रतिष्ठित लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से लॉ की डिग्री है। उन्होंने हाल ही में एक टीवी चैनल से भेंटवार्ता के दौरान कहा कि विकास के लिए हमें एक रणनीति की जरूरत है। जब उनसे उस रणनीति के बारे में विस्तार से बताने को कहा गया तो उनके पास कोई जवाबनहीं था। उधर मूनिस अमेरिका के वार्टन स्कूल ऑफ बिजनेस से स्नातक हैं। वह कई गलत कारणों से खबरों में रहे। लाहौर से अपनी किस्मत आजमा रहे मूनिस ने हाल ही में एक आदमी को पीट दिया था। वह रिएल एस्टेट के धंधे से जबरदस्त मुनाफा बटोरने के लिए भी खबरों मंे रहे।

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  • Web Title: नेताआें की नई पौध और पाक की उम्मीदें