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वयोवृद्ध पत्रकार डॉ. भगवान दास अरोड़ा का निधन

पत्रकारिता के स्तंभ रहे प्रखर स्वतंत्रता सेनानी, समाजसेवी डॉ. भगवान दास अरोड़ा का रविवार को पूर्वाह्न लगभग 11 बजे निधन हो गया। वाराणसी से प्रकाशित सांध्य दैनिक ‘गांडीव’ के संस्थापक संपादक रहे डॉ. अरोड़ा लगभग वर्ष के थे। उनका पूरा जीवन पत्रकारिता के लिए समर्पित रहा। अंत्येष्टि शाम को मणिकर्णिका घाट पर हुई। गांडीव के संपादक एवं डॉ. भगवान दास के पुत्र राजीव अरोड़ा ने मुखाग्नि दी।ड्ढr वर्ष 1में पंजाब के गुजराँवाला (अब पाकिस्तान) में जन्मे डॉ. भगवान दास अरोड़ा 10 में काशी आए। यहाँ दंत चिकित्सक के रूप में उन्होंने पहचान बनाई। 1में देश के विभाजन के समय उन्होंने हिंदू महासभा की सदस्यता ग्रहण की। परिस्थितियों से लड़ने को आतुर डॉ. अरोड़ा ने 10 में गांडीव साप्ताहिक का प्रकाशन शुरू किया। 1में इसे दैनिक का रूप दे दिया। आसभैरव में एक छोटे से कमरे से प्रकाशन होता रहा। समसामयिक विषयों पर अपने धारदार लेखन के लिए डॉ. अरोड़ा का पत्रकारिता में अलग स्थान रहा। आपातकाल के दौरान डॉ. अरोड़ा ने जेल यात्रा भी की।

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