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बिहार के किसानों को भी 4 फीसदी दर पर कर्ज मिले

जदयू किसानसभा ने पश्चिम बंगाल और उत्तराखंड की तर्ज पर बिहार के किसानों को भी चार फीसदी दर पर कर्ज मुहैया कराने की मांग की है। रविवार को जदयू कार्यालय में आयोजित प्रदेश किसानसभा कार्यकारिणी की बैठक में यह मांग उठी। बैठक में मैक्रोमोड योजना के अंतर्गत किसानों को पावरटिलेज के लिए अनुदान की मात्रा बढ़ाने और गेहूं का समर्थन मूल्य 1200 रुपए प्रति क्िवंटल करने के साथ-साथ बाढ़ से हुई फसल क्षति में जहां उपादान सब्सिडी नहीं बंटी है, वहां शीघ्र इसके वितरण के लिए पहल करने की मांग की गई। बैठक में महाराष्ट्र नव निर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे और दिल्ली के उपराज्यपाल तेजिन्दर खन्ना के विवादास्पद बयान के लिए निन्दा की गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए किसानसभा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अशोक वर्मा ने उन जिलों में शीघ्र किसान सम्मेलन कराने को कहा जहां अबतक यह सम्मेलन नहीं हो पाया है। उन्होंने किसान सम्मेलन को प्रखंडस्तर तक ले जाने की जरूरत बताई। बैठक का संचालन प्रधान महासचिव सुरेश सिंह ने किया, जिसमें विशेष आमंत्रित प्रभारी रामनरेश सिंह के अलावा वैद्यनाथ प्रसाद विकल, जप्रकाश नारायण सिंह, गुप्तेश्वर पांडेय, डॉ. नवीन सिंह, सुरेन्द्र यादव, अशोक कुमार, केदारनाथ झा और महेन्द्र मालाकार आदि मौजूद थे। छात्रों को पाठ्यपुस्तक उपलब्ध कराने की कवायद शुरूड्ढr पटना (हि.ब्यू.)। बिहार स्टेट टेक्सट बुक पब्लिशिंग कारपोरेशन लिमिटेड ने सत्र 2008-0े लिए प्रकाशित पाठय़पुस्तकों को छात्रों को उपलब्ध कराने की कवायद शुरू कर दी है। इसके तहत प्राम्भिक, माध्यमिक और हायर सेकेंडरी स्कूलों के विद्यार्थियों को निगम की पुस्तकें उपलब्ध कराने के लिए जिला, अनुमंडल और प्रखंड स्तर पर थोक पुस्तक विक्रेताओं को सूचीबद्ध किया जाएगा। इस बाबत निगम के प्रबंध निदेशक फेराक अहमद ने जानकारी दी है कि इसके लिए ऐसे विक्रेताओं से 25 फरवरी तक आवेदन पत्र मांगे गए हैं। इसमें अनुसूचित जाति, जनजाति एवं पिछड़े वर्ग के आवेदकों को प्राथमिकता दे जाएगी। थोक विक्रेताओं को 17 फीसदी कमीशन तथा थोक विक्रेताओं द्वारा खुदरा विक्रेताओं को 13 फीसदी कमीशन देना अनिवार्य है। जानकारी के अनुसार थोक विक्रेताओं को प्रथम चक्र में कम से कम 2 लाख, दूसरे चक्र में 1 लाख और तीसरे चक्र में 50 हजार रुपए मूल्य की पुस्तकें खरीदना अनिवार्य होगा। यही नहीं हर थोक खुदरा विक्रेता को अपने आवेदन में खुदरा विक्रेताओं की सूची भी संलग्न करना होगा। इस सूची में शामिल होने के लिए सरकारी स्कूल के प्रधानाचार्य या स्वयंसेवी संगठन भी 10 फीसदी कमीशन पर निगम के बिक्री केन्द्र मुजफ्फरपुर, गया, भागलपुर, पूर्णिया और पटना मुख्यालय से न्यूनतम 5000 रुपए ड्राफ्टस्वरूप जमाकर पुस्तक खरीद सकते हैं। नाबार्ड इस साल 45 कैंप लगाएगाड्ढr पटना (हि. ब्यू.)। राज्य से पलायन रोकने के लिए नाबार्ड गैर कृषि क्षेत्र से जुड़े लोगों के बीच भी रोजगारोन्मुखी कार्यक्रम चला रहा है। शत-प्रतिशत लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए चलायी जा रही योजना का नाम ग्रामीण उद्यमिता विकास कार्यक्रम है। इस कार्यक्रम के तहत वैसे लोगों, जो कृषि कार्य से नहीं जुड़े हैं, को इन्टरप्रीन्युरशिप ट्रेनिंग दी जा रही है। यह काम किसी स्वयंसेवी संस्था या किसान क्लब के माध्यम से भी कराया जा सकता है। लेकिन ट्रेनिंग के लिए लगाये जाने वाले कैम्प पर आने वाला पूरा खर्च नाबार्ड देता है। एक कैंप में तीस लागों को प्रशिक्षण दिया जाता है। नाबार्ड ने इस वर्ष 45 कैंप लगाने की योजना बनायी है। प्रशिक्षित सभी लोगों का बैंक से लिंकेज कराया जायेगा, जो उन्हें उस क्षेत्र में अपना रोजगार स्थापित करने के लिए ऋण देंगे। नाबार्ड के उप महाप्रबंधक डी. गिरी बताते हैं कि बेगूसराय, भागलपुर, पटना, वैशाली, पश्चिम चंपारण और नालंदा सहित राज्य के 33 जिलों में यह योजना चलाई जा रही है। इस कार्यक्रम में वैसे जिलों को प्राथमिकता दी जाती है जो बाढ़ प्रभावित हैं या फिर जहां से अधिक संख्या में लोग रोजगार के लिए बाहर जाते हैं।ड्ढr ड्ढr राज ठाकरे पर बिफरे कांग्रेसीड्ढr पटना (हि.ब्यू.)। उत्तर भारतीयों के विरुद्ध बयान देने वाले राज ठाकरे पर कांग्रेस शासित महाराष्ट्र सरकार को कार्रवाई करने में भले देरी हो रही हो पर बिहार कांग्रेस के नेता राज ठाकरे पर बिफर पड़े हैं। कांग्रेस के विधानपरिषद में नेता डा. महाचन्द्र प्रसाद सिंह खुद राज ठाकरे पर देशद्रोह का मुकदमा करने की तैयारी कर रहे हैं। वहीं एआईसीसी सदस्य एवं अल्पसंख्यक कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष आजमी बारी ने तो देशहित में सभी क्षेत्रीय पार्टियों की मान्यता ही रद्द करने की मांग कर डाली है।ड्ढr डा. सिंह ने प्रधानमंत्री एवं महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री को पत्र लिख कहा है कि राज ठाकरे पर तुरंत देशद्रोह का मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए। ऐसा नहीं हुआ तो बिहार और उत्तर प्रदेश के नौजवान उग्र आंदोलन छेड़ेंगे। भारतीय संविधान के साथ छेड़छाड़ करने का अधिकार इस देश में किसी को नहीं है। डा. आजमी बारी ने कहा है कि मनसे की तरह देश की कई क्षेत्रीय पार्टियां अपने अस्तित्व को स्थापित करने के लिए क्षेत्रवाद, जातिवाद, भाषावाद एवं अलगाववाद का सहारा लेती हैं जो देशहित के खिलाफ है। उन्होंने ‘महाराष्ट्र’ नाम बदलने की भी मांग करते हुए कहा है कि राष्ट्र से बड़ा कोई नहीं होता है फिर एक राज्य महाराष्ट्र कैसे हो गया?

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  • Web Title: बिहार के किसानों को भी 4 फीसदी दर पर कर्ज मिले