DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

केन्द्र के साथ समझौता खटाई में

प्रदेश सरकार और केन्द्र के बीच मधुर सम्बंधों के अभाव में प्रदेश में पंचायतीराज व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण के लिए केन्द्र सरकार व प्रदेश सरकार के बीच समझौता पत्र (एम.ओ. यू.) पर हस्ताक्षर का मामला खटाई में पड़ गया है। फिलहाल, इस समझौता पत्र पर हस्ताक्षर होने के आसार नहीं दिखाई पड़ रहे हैं। शासन में अधिकारी भी इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए हैं।ड्ढr केन्द्र सरकार पंचायतों के संबंध में राज्य सरकारों के साथ एक समझौता पत्र पर हस्ताक्षर कर रही है। महाराष्ट्र सरकार से इस तरह का समझौता हो चुका है। केन्द्रीय पंचायतीराज मंत्री मणिशंकर अय्यर की कुछ माह पूर्व लखनऊ यात्रा के दौरान इस तरह का समझौता होने की उम्मीद थी किन्तु उनका दौरा टल गया था। इसके बाद से राज्य सरकार और केन्द्र के बीच सम्बंध ठीक नहीं चल रहे हैं। जिसका असर इस समझौते की सम्भावनाओं पर पड़ रहा है।ड्ढr इस समझौता पत्र में राज्य सरकारें केन्द्रीय पंचायतीराज मंत्रालय द्वारा आयोजित सात गोलमेज सम्मेलनों में 18 महत्वपूर्ण विषयों पर की गई 150 संस्तुतियों को चरणबद्ध तरीके से लागू करने का वचन देती हैं। राज्य सरकारें राज्य के बजट में विभिन्न विभागों के लिए पंचायत विंडो खोलने, पंचायतों को कार्य हस्तांतरित करने तथा पंचायतों को अन्तरित की जाने वाली धनराशि 15 दिन के अन्दर देने सहित पंचायतों को अधिकार सम्पन्न करने का वादा भी करती हैं।ड्ढr इसके बदले केन्द्र सरकार यह वादा करती है कि वह ‘एक्िटविटी मैपिंग’ व निधियों के हस्तांतरण के लिए राज्य सरकार को तकनीकी सहायता देगी। साथ ही पंचायतों में ई गवर्नेस, कम्प्यूटरीकरण तथा प्रशासनिक व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण के लिए पूरा सहयोग करेगी।ं

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: केन्द्र के साथ समझौता खटाई में