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हर जगह कूड़ा ही कूड़ा

नगर निगम के वार्ड संख्या-8 का पूरा इलाका कूड़े-कचरे और गंदगी से पटा है। मुख्य सड़क से लेकर गलियों तक में कूड़े का अंबार लगा है। नाले कूड़े से भरकर बजबजा रहे हैं। कई वषरे से इसकी सफाई नहीं हुई है। सड़कें जर्जर हैं। झोपड़पट्टियों में न पीने को पानी है न खाने को अन्न। वार्ड में झोपड़पट्टियों की बहुलता के बावजूद एक भी सार्वजनिक शौचालय नहीं है। पार्षद को भी वार्ड की स्थिति की पूरी जानकारी नहीं है। शाम ढलते ही तमाम सड़कें अंधेरे में डूब जाती हैं। अधिसंख्य मैनहोल खुले हैं।ड्ढr ड्ढr ऑफिसर फ्लैट को छोड़कर कहीं भी कूड़ा केंद्र नहीं है। वर्तमान निगम बोर्ड के द्वारा एक भी योजना जमीन पर नहीं उतरी है। बिंद टोली में सब्जी बाजार लगने से नाला पूरी तरह से जाम हो चुका है। वार्ड पार्षद को यह जानकारी नहीं है कि उनके क्षेत्र में कितने जलापूर्ति पंप व प्राथमिक विद्यालय हैं। इस वार्ड में शास्त्रीनगर, राजवंशी नगर, बोर्ड कॉलोनी, आदर्श कॉलोनी, सीडीए कॉलोनी, पश्चिमी पटेल नगर हैं। बोर्ड कॉलोनी झोपड़पट्टी, पीडब्ल्यूडी झोपड़पट्टी, चपरासी फ्लैट के पीछे झोपड़पट्टी, राजवंशी नगर झोपड़पट्टी, बिंद टोली और चमरटोली में लगभग दस हजार गरीब परिवार रहते हैं। बरसात के दिनों में पूरे क्षेत्र में जलजमाव की समस्या उत्पन्न हो जाती है। पीडब्ल्यूडी झोपड़पट्टी में पांच चापाकल हैं, लेकिन किसी से पानी नहीं टपकता है। फूलदेव प्रसाद, प्रभावती देवी, मुन्ना देवी व बिमला देवी ने बताया कि स्कूल में जाने का रास्ता बनाने के नाम पर घरों के आस-पास सड़े कूड़े-कचरे डाल दिये गये हैं। बोर्ड कॉलोनी झोपड़पट्टी की वीणा देवी, कुंती देवी, शीला देवी, राजकिशोर प्रसाद, अशोक कुमार, अवधेश प्रसाद व लक्ष्मण प्रसाद ने बताया कि लोग अपने खर्चे पर नाला की सफाई करते हैं। सबसे बड़ी समस्या जलनिकासी कीड्ढr ज्ञानशंकरड्ढr पटना। वार्ड संख्या-8 के निवासियों से उनकी बुनियादी समस्याआें के बारे में हिन्दुस्तान की टीम ने रविवार को बातचीत की। सीडीए कॉलोनी के सुधीर कुमार मंटू ने बताया कि सबसे बड़ी समस्या जल निकासी की है। बरसात में स्थिति नारकीय हो जाती है। स्ट्रीट लाइट नहीं रहने के कारण शाम ढलते ही यहां अपराधियों का तांडव शुरू हो जाता है। पेयजल की भी व्यवस्था नहीं है।ड्ढr ड्ढr बिंद टोली के लालबाबू दास ने बताया कि निगम कर्मियों द्वारा साफ-सफाई नहीं की जाती है। बरसात में नाले का कचड़ा घरों में घुस जाता है। पेयजल एवं शौचालय की कोई व्यवस्था नहीं हैं। शास्त्रीनगर के मुनेश्वर पाठक ने बताया नालों की सफाई नहीं करायी जाती है। कूड़ा केंद्र नहीं रहने के कारण लोग सड़क पर कूड़ा फेंकने के लिए मजबूर हैं। बिंद टोली की सुमित्रा देवी ने बताया कि दलित बस्ती वर्षों से उपेक्षित रही है। यहां पेयजल की समस्या विकराल है। लोगों को पानी लाने के लिए दूर जाना पड़ता है। बिंद टोली की सोनमंती देवी ने बताया कि यहां 14 वर्ष तक के बच्चों की संख्या लगभग एक हजार है। बच्चे शिक्षा के आभाव में कूड़ा चुनने व होटलों में प्लेट धोने का काम करने को मजबूर हैं। नगर आयुक्त घोषणाआें में करते हैं विकास : सुनीताड्ढr पटना (हि.प्र.)। पार्षद सुनीता कुमारी का कहना है कि नगर आयुक्त राणा अवधेश सिंह द्वारा सिर्फ घोषणाआें में विकास किया गया है। वार्ड में कुल 15 सफाईकमी स्थायी रूप से प्रतिनियुक्त हैं। इनमें से दो कर्मी नगर विकास मंत्री अश्विनी कुमार चौबे के आवास पर काम करते हैं जबकि उनकी हाजरी वार्ड में बनती है। चार फरवरी को निगम बोर्ड की बैठक के दौरान मेयर संजय कुमार ने पांच दिनों के अंदर 25 सीएलएफ बल्ब लगाने का निर्देश मुख्य अभियंता को दिया था लेकिन अब तक बल्ब नहीं लगे। उन्होंने बताया कि गंदगी का प्रमुख कारण सफाईकर्मियों की कमी है। कूड़ा केंद्र नहीं रहने के कारण लोग सड़कों व नाला में कूड़ा फेंकते हैं।ं

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