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सीसीएल : वर्ष 09-10 के लिए 47 एमटी लक्ष्य

सीसीएल को वर्ष 2000 के लिए 47 मिलियन टन का उत्पादन लक्ष्य दिया गया है। इसके लिए कोल इंडिया से एमओयू भी हो चुका है। जनसंपर्क प्रमुख एमएन झा ने बताया कि 43.24 एमटी उत्पादन और 43.66 एमटी प्रेषण हुआ। पिछले साल की अपेक्षा 810 करोड़ की अधिक वसूली हुई। इ-ऑक्शन में 5.84 एमटी कोयले की बुकिंग हुई। ऑफर 16.6 एमटी दिया गया था। वर्ष में 88 दिन बंदी रही। खदान के आसपास के 218 हेक्टेयर जमीन पर 5.46 लाख पौधे लगाये गये। झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण के साथ मिलकर कांके डैम में जागरूकता अभियान चलाया। कोल वाशरियों में वाटर रिसरकुलेशन व्यवस्था में सुधार कर उसे शून्य डिस्चार्ज पर लाया गया।ड्ढr 1288 करोड़ रॉयल्टी दीड्ढr रांची। सीसीएल ने सरकार को रॉयल्टी एवं कॉरपोरट टैक्स आदि मद में करीब 1287.53 करोड़ रुपये दिये। पे रिवीजन सहित अन्य का प्रावधान करने और टैक्स देने से पहले कंपनी को करीब 275 करोड़ का लाभ हुआ। टर्नओवर बढ़कर 5रोड़ रुपये हो गया। सीएसआर के तहत कमांड एरिया में कई काम किये गये। करीब 10 लाख से अधिक मरीाों का इलाज हुआ। अक्षर ज्योति, गर्ल्स चाइल्ड प्रोमोशन कार्यक्रम शुरू हुए।ड्ढr 5.17 करोड़ का लाभड्ढr रांची। सीएमपीडीआइ ने वर्ष 2008-0में करीब 5.17 करोड़ का लाभ कमाया है। जनसंपर्क प्रमुख विनय दयाल ने बताया कि विभिन्न एजेंसियों के साथ मिलकर 3.30 लाख मीटर से अधिक ड्रिलिंग की गयी। यह पिछले साल से 20 प्रतिशत अधिक है। 6एमटी सालाना क्षमता वाली 36 परियोजना रिपोर्ट तैयार की। टर्नओवर 32रोड़ हो गया है। कोल इंडिया से बाहर के ग्राहकों के लिए 10.77 करोड़ का 2वर्क आर्डर प्राप्त किया। रिलायंस कोल रिसोर्स लिमिटेड, सेल, नेवेली लिग्नाइट, महागुज कोलियरी, सेंट्रल इलेक्टीसिटी अथॉरिटी का 26 कार्य कर सौंपा।

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