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पुरस्कार का एंटी क्लाइमैक्स

पुरस्कार समिति से जुड़े शख्स का कहना था लोग ख्वामखाह चिंता करते हैं कि फलां लेखक उम्रदराज हो रहा है, डिजर्व भी करता है, लेकिन अकादमी ध्यान नहीं दे रही। लेखक को वक्त पर पुरस्कार न मिलना और मरने से पहले मिल जाना, महज इत्तेफाक नहीं है। बहुत कम लोग जानते हैं इस मामले में हमारी तैयारी कॉरपोरेट कम्पनियों से भी अच्छी होती है। हमने बाकायदा मेडिकल जासूसों की एक टीम तैयार कर रखी है। हर जासूस 70 की उम्र पार कर चुके तीन बड़े लेखकों पर निगरानी रखता है। ये जासूस अलग-अलग तरीकों से हमें रिपोर्ट देते हैं कि फलां लेखक का स्वास्थ्य कैसा चल रहा है। इन तरीकों में लेखक के फैमिली डॉक्टरों को खरीद लेना, उससे वक्त-वक्त पर लेखक की डॉयबिटिक रिपोर्ट लेना, ब्लड प्रेश की स्थिति जानना, पता लगाना कि लेखक को कोई बड़ी तकलीफ तो नहीं है? है तो वो कितनी गंभीर?ड्ढr अब इसी मासिक रिपोर्ट के आधार पर अकादमी तय करती है कि लेखक को अभी कितना और लटकाया जा सकता है?ड्ढr मैंने कहा, लेकिन यही तो सवाल है कि आखिर आप लटकाते क्यों हैं? सारी जवानी लेखक दो पैंटों में निकाल देता है, सौ-सौ रुपए के लिए संपादकों से उलझता रहता है। कुल्फी वालें की घंटी को, गफलत में डाकिए की घंटी समझ कर दरवाजा खोलता है। तब तो उसकी सुध लेते नहीं, फिर अस्सी की उम्र में उसकी उस रचना को सम्मान दे देते हैं, जो उसने चालीस में लिखी थी। बात काटते हुए समिति सदस्य बोले, इसके पीछे भी हमारा अपना दर्शन है। दरअसल समिति मानती है कि ‘व्यवस्था से नाराजगी’ ही लेखक की सबसे बड़ी ताकत होती है। अब लेखक की नाराजगी कोई आशिक की नाराजगी नहीं कि वो गुस्से में शराब पीने लगे या फांसी पर लटक जाए। इसी नाराजगी से रचनात्मक ऊर्जा मिलती है। वो उम्दा रचनाएं लिखता है। हमें लगता है वक्त पर अगर लेखक को सम्मान और पद दोनों मिल जाएगा तो वो ‘जीवन के द्वंद्व’ को कैसे समझेगा?ड्ढr मैंने कहा, वो तो ठीक है, लेकिन उस पर भी लेखक की सर्वश्रेष्ठ रचना को पुरस्कार न दिया जाना भी क्या इत्तेफाक है? उपन्यासकार की कहानी को पुरस्कार दे दिए जाते हैं, और कहानीकार के उपन्यास को, और वो भी ऐसी रचना पर जो खुद लेखक की नजर में सर्वश्रेष्ठ नहीं होती।ड्ढr देखिए..चौधराहट का उसूल है कि आप ऐसा कुछ करते रहें जो लोगों की समझ से परे हो। अगर हमें भी उसी पर मुहर लगानी है, जिसकी दुनिया तारीफ कर रही है तो हमारी क्या रह जाएगी? आखिर हमें भी तो ‘अपनी वाली’ दिखानी होती है।

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  • Web Title: पुरस्कार का एंटी क्लाइमैक्स