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हिंद महासागर के मंच पर अमेरिकी घुसपैठ

भारत की आेर से इस सहस्राब्दी की बेहद महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही ‘हिंद महासागरीय नौसेनाआें का सम्मिलन’ में बहुत चुपके से अमेरिका ने अपनी पैठ बनाने की कोशिश की है, जबकि ईरान ने इस महाजोट से पीठ फेर ली है। बृहस्पतिवार से शुरू होने जा रहे इस सम्मेलन में वक्ता के बहाने अमेरिका ने अपना कदम रखा है और उसके नेवल वार कालेज के एडमिरल जैकब अल श्यूफोर्ड की अगुवाई में एक अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल इसमें हिस्सा लेने आ रहा है। अमेरिका ही ऐसा एकमात्र गैर हिंद महासागरीय देश है, जिसकी इस सम्मेलन में हिस्सेदारी हो रही है। अमेरिका हिंद महासागरीय ताकत नहीं है, लिहाजा उसके प्रतिनिधियों को वक्ता के तौर पर बुलाया जा रहा है, जबकि फ्रांस के नौसेना प्रमुख को इस आधार पर आमंत्रित किया गया है कि अफ्रीका महाद्वीप में उसका एक स्वाधीन क्षेत्र है। अमेरिका की ही एक और सहयोगी नौसैनिक ताकत ऑस्ट्रेलिया को बाकायदा हिंद महासागरीय नौसैनिक ताकतों के मंच पर आमंत्रित किया गया है। दूसरी आेर अमेरिका के प्रतिद्वंद्वी ईरान ने इस सम्मेलन में हिस्सेदारी के भारतीय नौसेना के न्यौते का बुधवार तक कोई जवाब नहीं दिया है और आधिकारिक सूत्रों के अनुसार अब इस उसकी आेर से सकारात्मक जवाब की उम्मीद नहीं रह गई है। अलबत्ता पाकिस्तान का इसमें प्रतिनिधित्व हो रहा है। पहले बताया गया था कि नई दिल्ली में पाकिस्तानी उच्चायुक्त के स्तर पर उसकी हिस्सेदारी होगी, लेकिन नौसेना के सूत्रों के अनुसार ऐन मौके पर पाकिस्तान की आेर से किसी थ्री स्टार अधिकारी की मौजूदगी हो सकती है। अमेरीकी एडमिरल समुद्री सहयोग में तकनीक के इस्तेमाल पर अपनी बात हिंद महासागरीय ताकतों के सामने रखेंगे, जबकि हवाई विश्वविद्यालय के प्रोफेसर जॉन वेन डाइक संयुक्त राष्ट्र के समुद्री कानूनों में परिवर्तन की आवश्यकता पर जोर देते हुए अपना शोध पत्र पढ़ेंगे। किसी गैर हिंद महासागरीय देश को सम्मेलन में बुलाने के औचित्य के बारे में पूछने पर नौसेना के प्रवक्ता ने कहा कि वक्ताआें के पैनल को नेशनल मैरीटाइम फाउंडेशन ने अंतिम रूप दिया है। प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिकी वक्ताआें को उनके लम्बे अनुभव और टैक्नोलाजी के आधार में उनकी विशेषज्ञता को देखते हुए संबोधन के लिए आमंत्रित किया गया है। अलबत्ता ये प्रतिनिधि नौसेना प्रमुखेा की बंद कमरे में होने वाली बैठक में हिस्सा नहीं लेंगे, जिसमें इस फोरम के चार्टर को अंतिम रूप दिया जाएगा।

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