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घर और उपभोक्ता उत्पादों पर बैंक दें ज्यादा ऋण:चिदंबरम

टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद क्षेत्र की बिगड़ती हालत को सुधारने के मकसद से वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने बैंकों से कहा है कि वह इन उत्पादों और आवास ऋण के मामलों कुछ उदारता दिखाएं। यह क्षेत्र विकास में बढ़ोतरी के लिए काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जहां तक ब्याज दरों में कटौती का सवाल है तो इसके लिए बैंक अपने स्तर पर फैसला लेने के लिए आजाद हैं और सरकार का इस बारे में कोई निर्देश नहीं है। मंगलवार को यहां सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक प्रमुखों के साथ एक बैठक के बाद संवाददाताओं के सवालों के जवाब में वित्त मंत्री ने यह बातें कहीं। वित्त मंत्री ने बैंक प्रमुखों की यह बैठक आगामी बजट के बारे में उनके विचार जानने के लिए बुलाई थी। उन्होंने कहा कि सख्त मौद्रिक नीति के तहत पिछले एक साल से आवास और टिकाऊ उपभोक्ता सामान के लिए ऋणों को लेकर बैंक सतर्कता बरत रहे हैं। इसके चलते उक्त क्षेत्रों के लिए ऋण में कमी आई है। गैर- खाद्य ऋणों की विकास दर में गिरावट इसका सुबूत भी है। बैठक में यह मुद्दा विचार के लिए आया और बैंकों से इस बारे में ध्यान देने के लिए कहा गया है। जहां तक उत्पादक क्षेत्र की बात है उसकी ऋण जरूरतों को लगातार पूरा किया गया है। बैंकों के पास जमाओं के बढ़ते आकार को देखते हुए अब बैंकों को आवास ऋण और उपभोक्ता उत्पादों पर ऋण देने में उदारता बरतने की जरूरत है। उपभोक्ताओं और घर खरीदने वाले लोगों के हाथ में पैसा जाएगा तो मांग में बढ़ोतरी होगी। कुछ बैंकों ने इस दिशा में कदम उठाना भी शुरू कर दिया है। ब्याज दरों में कटौती के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि इस बारे में सरकार कोई निर्देश नहीं दे सकती है। इस मुद्दे पर फैसला लेने के लिए बैंक खुद स्वतंत्र हैं। केंद्रीय सांख्यिकी संगठन (सीएसओ) द्वारा मंगलवार को जारी औद्योगिक उत्पादन सूचकांक के आंकड़ों में विकास दर कमजोर रहने और टिकाऊ उपभोक्ता उत्पादों के उत्पादन में गिरावट के बारे में पूछे गये सवालों का उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।

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  • Web Title: उपभोक्ता उत्पादों पर बैंक दें ज्यादा ऋण : चिदंबरम