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ग्रामीण कार्य विभाग की ताकत बढ़ाने का फैसला

ग्रामीण कार्य विभाग के बड़े कार्यभार को देखते हुए इसकी ताकत को बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत जल संसाधन विभाग, लघु जल संसाधन विभाग और पथ निर्माण विभाग के कुल 11 अंचल और 72 प्रमंडलों को इनकी कुल तकनीकी संरचना के साथ ग्रामीण कार्य विभाग को हस्तांतरित किया गया है। यह निर्णय मंत्रिमंडल की मंगलवार को हुई बैठक में लिया गया। मंत्रिमंडल के निर्णयों की जानकारी देते हुए कैबिनेट सचिव गिरीश शंकर ने बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत एक हजार से अधिक जनसंख्या वाले नौ हजार गांवों को अगले वर्ष मार्च तक सड़क से जोड़ना है। इसके लिए 25 हजार 5 सौ किलोमीटर सड़क बनानी है। इसके अलावा साढ़े सात हजार किलामीटर संपर्क सड़क बनायी जानी है। इसपर 12 हजार करोड़ की लागत आएगी।ड्ढr ड्ढr इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री सड़क योजना के तहत एक हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त कार्य कराना है। इतने बड़े कार्य के लिए जल संसाधन विभाग के 10 अंचल व 43 प्रमंडल और लघु जल संसाधन विभाग के 5 प्रमंडल ग्रामीण कार्य विभाग को हस्तांतरित किए गए हैं। इसके अलावा पथ निर्माण विभाग के 1 अंचल और 24 प्रमंडल ग्रामीणकार्य को दिए गए हैं। इन अंचलों और प्रमंडलों के पास जो काम पहले से हैं वे पूर्ववत जारी रहेंगे। इसके अलावा मंत्रिमंडल ने विधानमंडल के संयुक्त अधिवेशन में दिए जाने वाले राज्यपाल के अभिभाषण को भी अपनी मंजूरी दे दी। साथ ही कहलगांव पुलिस गोलीकांड की न्यायिक जांच के लिए गठित न्यायमूर्ति सदानंद मुखर्जी के आयोग को अपने कार्यकाल तक काम करने की मंजूरी दी गई। दरअसल राज्य सरकार ने इस गोलीकांड की जांच उच्च न्यायालय के किसी सेवारत न्यायाधीश से कराने का निर्णय लिया था। लेकिन न्यायमूर्ति मुखर्जी ने 11 फरवरी को अवकाश ग्रहण कर लिया। लिहाजा मंत्रिमंडल ने अपने पूर्व के निर्णय को संशोधित कर लिया है।

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