DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

प्रदेश में अघोषित आपात काल की स्थिति: मुलायम

नेता प्रतिपक्ष तथा सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने राज्यपाल के अभिभाषण को गप का पुलिन्दा बताते हुए विधानसभा में कहा कि राज्य में अघोषित आपातकाल की स्थिति है तथा बसपा सरकार अलोकतांत्रिक हथकंडे अपना रही है। श्री यादव ने प्रदेश के कैबिनेट सचिव पर भी हमला बोला।ड्ढr उन्होंने कहा कि इस सरकार में प्रदेश की जनता के लिए एक भी काम नहीं हुआ है। हर वर्ग भयभीत है। उद्योगपति पलायन कर रहे हैं। बुंदेलखंड में रोज पाँच व्यक्ित भूख से मर रहे हैं। किसानों का ब्याज माफ करने की बजाय पूरा कर्ज माफ किए जाने की जरूरत है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के नाम पर वसूली हो रही है। श्री यादव ने मुख्यमंत्री के खास नौकरशाहों पर भी तीखे प्रहार किए। उन्होंने कहा कि आईएएस अधिकारी नहीं होने के बावजूद एक अफसर विशेष को कैबिनेट सचिव बनाना संविधान की मान्यताआें का खुला उल्लंघन है। अधिकारी ने गोपनीयता की शपथ नहीं ली है तो संविधान के तहत फाइल कैसे देख सकता है? इस अधिकारी को बड़े-बड़े अधिकारी सलाम करते हैं। इस स्थिति से कुछ आईएएस और आईपीएस को छोड़कर प्रदेश के अधिकारियों का मनोबल टूटा हुआ है। उनको हटाइए। कैबिनेट सचिव का दिमाग आसमान पर है। श्री यादव ने कहा कि सुलतानपुर के डीएम और अधिकारियों को हटाया गया। यह गलत है। लिखने की आजादी सभी को है। अगर उन्होंने राजीव गांधी की तारीफ की तो क्या कोई गलत किया? हम भी तो उनके कथन की तारीफ करते हैं जो भ्रष्टाचार के बारे में कहा था।ड्ढr राज्यपाल के अभिभाषण के लिए धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा शुरू करते हुए श्री यादव ने पानी पी-पीकर सरकार की खिंचाई की। करीब ढाई घंटे के सम्बोधन में श्री यादव को बसपा सदस्यों की टोकाटाकी का भी खूब सामना करना पड़ा। परम्परा के विपरीत कई बार तो मंत्रियों ने उनकी बातों का खड़े होकर प्रतिवाद किया। मंत्रियों की सपाइयों से काफी झाँव-झाँव भी हुई। एक मौके पर मुख्यमंत्री मायावती को भी प्रतिवाद करना पड़ा। मुलायम पूरे फार्म में थे। वे मायावती को चुनौती भी दे रहे थे और सचेत भी कर रहे थे। मुख्यमंत्री पूरे समय मौजूद थीं। श्री यादव ने मुख्यमंत्री द्वारा केन्द्र से एसपीजी सुरक्षा मुहैया कराने की हंसी उड़ाते हुए कहा कि अधिकारी चाहते हैं कि मुख्यमंत्री अंदर ही रहें। बाहर न निकलें। इसीलिए मुख्यमंत्री को जान के खतरे का हवाला दिया जा रहा है मगर जो नेता अपने जीवन की परवाह करता है, वह देश की सच्ची सेवा नहीं कर सकता है। नौ महीने में सरकार जाँच और जेल का ही काम कर पाई है। सपा के 11 हजार कार्यकर्ताओं के खिलाफ फर्जी मुकदमे दर्ज किए गए। यूपी आतंकियों की आरामगाह बना हुआ है मगर सरकार को चिन्ता नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि गंगा एक्सप्रेस वे परियोजना केवल पैसा कमाने और कमीशन के लिए तैयार की गई है। हम सत्ता में आ रहे हैंड्ढr मुलायम ने अपने सम्बोधन में कुछ ऐसी भी बातें कहीं,जिन्होंने सदन में कभी गर्माहट ला दी तो कभी सदस्यों को हँसने के लिए मजबूर कर दिया। कई बार मुख्यमंत्री भी अपनी हँसी रोक नहीं सकीं। वह बोले- ‘हम सत्ता में आ रहे हैं। एक-डेढ़ साल में पता चल जाएगा।’ (बसपा सदस्यों के शोर मचाने पर) ‘विपक्ष में बैठकर क्या आपकी आरती उतारने, फूल चढ़ाने आया हूँ? हमारा काम है सरकार की आलोचना करना। सकारात्मक राय देने वाला काम कर रहा हूँ। मानना हो तो मानो, प्रदेश तो गर्त में जा ही रहा है।’ (मायावती और बसपा सदस्यों की ओर देखकर) बड़े चापलूस लोग हैं ये। आप जब आती हैं, तभी शोर मचाते हैं। ये चापलूस आपको (गर्त में) पहुँचा देंगे। (फिर हँसते हुए) यह तो अपना अनुभव बता रहा हूँ। सिपाही से लेकर डीजीपी तथा लेखपाल से लेकर मुख्य सचिव तक सभी उगाही में लगे हैं। शिक्षा के क्षेत्र में एनओसी के नाम पर रुपया लिया जा रहा है। अगर जाँच में बात सही न पाई जाए तो सदन से इस्तीफा दे दूँगा। दो लाख रुपए लिया जा रहा है। बैकलाग भर्ती में दलितों से भी रकम वसूली जा रही है।ड्ढr जब सीएम का धैर्य जवाब दे गयाड्ढr मुलायम के वक्तव्य के दौरान मुख्यमंत्री मायावती का धैर्य तब जवाब दे गया जब सवाल डॉ. भीमराव अम्बेडकर का उठा। मायावती ने कहा कि मुलायम सिंह यादव जी कह रहे हैं कि वह बाबा साहब में बहुत श्रद्धा रखते हैं। इसका प्रूफ तो तभी मिल गया था जब बाबा साहब के सम्मान पर बने स्मारक की लाइट बंद कर दी गई और वहाँ 10-10 फुट ऊँची घास उग आई थी।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: प्रदेश में अघोषित आपात काल की स्थिति: मुलायम