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नए सियासी नक्शे को मिली केंद्र की मंजूरी

र्नाटक सहित 24 राज्यों की विधान सभाआें और अगली लोकसभा के चुनाव निर्वाचन क्षेत्रों के नये परिसीमन के आधार पर कराये जाएंगे। प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक ने गुरुवार को निर्वाचन क्षेत्रों के नये सिरे से परिसीमन सम्बंधी परिसीमन आयोग की सिफारिशों को स्वीकार कर लिया। अब इसपर राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल अधिसूचना जारी करेंगी। असम, मणिपुर, नगालैण्ड, अरुणाचल प्रदेश और झारखण्ड को इस फैसले से बाहर रखा जा रहा है। न्यायमूर्ति कुलदीप सिंह की अध्यक्षता वाले परिसीमन आयोग ने लोकसभा के 513 और विधानसभाआें के 3726 निर्वाचन क्षेत्रों का आबादी के आधार पर नये सिरे से निर्धारण का काम पूराकिया।ड्ढr ड्ढr मौजूदा निर्वाचन क्षेत्र 1ी जनगणना पर आधारित हैं। लेकिन आबादी में बढ़ोतरी के कारण इन निर्वाचन क्षेत्रों की आबादी में भी बड़ा अंतर आ गया था। मसलन, राजधानी के चांदनी चौक निर्वाचन क्षेत्र की आबादी 4.5 लाख है, वहीं बाहरी दिल्ली का सांसद 38 लाख लोगों का प्रतिनिधित्व करता है। नया परिसीमन 2001 की जनगणना पर आधारित है। सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रियरंजन दासमुंशी ने बताया कि लोकसभा और 24 राज्यों की विधानसभा के चुनाव नये भौगोलिक निर्वाचन क्षेत्र के आधार पर होंगे।ड्ढr ड्ढr कर्नाटक विधानसभा के चुनाव मई में होने हैं जबकि वर्ष के उत्तर्रा में जम्मू-कश्मीर, मध्य प्रदेश, मिजोरम, दिल्ली और छत्तीसगढ़ विधानसभा के चुनाव होने हैं। इसके अलावा राजस्थान विधानसभा का कार्यकाल 200ी जनवरी तक है जबकि लोकसभा के चुनाव अगले साल मई तक होने हैं। उन्होंने बताया कि इस बारे में मार्च के दूसरे सप्ताह में अधिसूचना जारी हो सकती है। इससे पहले त्रिपुरा, मेघालय और नगालैंड जैसे पूवर्ोत्तर राज्यांे में विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। चूंकि चुनाव आयोग को नये राजनीतिक नक्शे के मुताबिक चुनाव कराने के लिए करीब चार माह की जरूरत होगी।

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  • Web Title: नए सियासी नक्शे को मिली केंद्र की मंजूरी