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गंगा की महाआरती में उमड़ा जनसैलाब

जय-जय भागीरथ नंदिनी मुनि जय चकोर चंदनी। ‘ऊंॅ जय गंगे माता.’ के जयकारे से गायघाट का पावन गंगा तट गुंजायमान हो उठा। मौका था गंगा सागर से चलकर गंगोत्री तक जानेवाली गंगा संस्कृति प्रवाह यात्रा के पटना आगमन पर गायघाट गंगा तट पर आयोजित महाआरती एवं दीपदान कार्यक्रम का। इसमें शामिल होने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ गंगा तट पर उमड़ पड़ी। विहंगम दृश्य को लोग अपलक निहारते रहे।ड्ढr ड्ढr गंगा संस्कृति प्रवाह यात्रा के राजधानी में प्रवेश करते ही जगह-जगह स्वागत किया गया। इस दौरान गायघाट के समीप श्रद्धालुओं ने स्वागत के बाद महाआरती कार्यक्रम की शुरुआत की। ज्यों-ज्यों सूर्य अस्ताचलगामी होता गया महाआरती का कार्यक्रम परवान चढ़ता गया। वाराणसी से आए आचार्य राम शर्मा, अजरुन शर्मा, संतोष शर्मा, इन्द्र शर्मा एवं नवरूक्ष ने महाआरती करवाए। इसके बाद श्रद्धालुओं ने दीप दान किया।ड्ढr ड्ढr एक-एक दीप मिलकर दीपमाला बन गई और गंगा नदी की लहरों पर विहंगम दृश्य बन गया। इस मौके पर उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि महाआरती का आयोजन गंगा तटों पर होना चाहिए। इससे गंगा प्रदूषण मुक्त होगी। अपनी संस्कृति बचेगी तथा पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। नगर विकास मंत्री अश्विनी कुमार चौबे, खेल मंत्री जनार्दन सिग्रीवाल, मेयर संजय कुमार, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राधा मोहन सिंह, पूर्व अध्यक्ष गोपाल नारायण सिंह, विधायक अरुण कुमार सिन्हा, नितिन नवीन, संगठन प्रभारी हृदय नारायण सिंह, धार्मिक न्यास बोर्ड के प्रशासक आचार्य किशोर कुणाल, एचटी मीडिया लिमिटेड के वाइस प्रेसिडेंट वाई.सी. अग्रवाल, महाप्रबंधक (सेल्स) विजय कुमार सिंह, आरएसएस के सर संघ चालक के.पी. सुदर्शन, गंगा महासभा के महामंत्री आचार्य जितेन्द्र, सत्यनारायण मौर्य बाबा, एस.डी. सिन्हा आदि उपस्थित थे।ड्ढr ड्ढr कार्यक्रम की अध्यक्षता पथ निर्माण व पर्यटन मंत्री नंद किशोर यादव तथा संयोजन मनोज सिंह ने किया। इसके पश्चात गंगा संस्कृति प्रवाह यात्रा बी.एन. कॉलेज, गोलघर, बांसघाट, राजापुर, पश्चिमी बोरिंग कैनाल रोड होते हुए कृष्णापुरी सामुदायिक भवन पहुंची और वहीं लोगों ने रात्रि विश्राम किया।

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  • Web Title: गंगा की महाआरती में उमड़ा जनसैलाब