DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

कंपनियों को विदेशी मुद्रा में बांड जारी करने की अनुमति

भारतीय कंपनियों की वित्तीय जरूरतों को पूरा के लिए सरकार ने उनको विदेशी मुद्रा में विनिमययोग्य बांड जारी करने की अनुमति दे दी है। इसके लिए शुक्रवार को एक स्कीम अधिसूचित कर दी गई। वित्त मंत्रालय ने स्कीम जारी करते हुए कहा कि वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने चालू साल (2007-08) के बजट में भारतीय कंपनियों की वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए विनिमय योग्य बांड जारी करने की सुविधा मुहैया कराने की घोषणा की थी। योजना के तहत कंपनियों द्वारा जारी किये जाने वाले विदेशी मद्रा विनिमय योग्य बांड के मूलधन और ब्याज का भुगतान विदेशी मुद्रा में किया जाएगा। यह भुगतान उस विदेशी मुद्रा में होगा जिसमें बांड जारी करने वाली कं पनी बांड जारी करेगी। यह बांड विदेशों में रह रहे भारतीयों द्वारा विदेशी मुद्रा में खरीदे जा सकेंगे। उनका विनिमय दूसरी कंपनी की इक्िवटी के बदले किया जा सकेगा। जिस कंपनी की इक्िवटी के ऋण संबंधी वारंट इसके जरिये खरीदे जाएंगे उसे ऑफर्ड कंपनी कहा जाएगा। बांड जारी करने वाली कंपनी और ऑफर्ड कंपनी एक समूह की ही होनी चाहिए। ऑफर्ड कंपनी का सूचीबद्ध होना जरूरी है और उसमें प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) का प्रावधान होना चाहिए। इन कंपनियों को एफडीआई सीमा और विदेशी वाणिज्यिक उधारी (ईसीबी) से संबंधित प्रावधानों का पालन करना होगा। साथ ही बांड के जरिये आने वाली विदेशी मुद्रा का उपयोग भी ईसीबी मानकों के तहत ही हो सकेगा। विदेशी मुद्रा बांड पर दिया जाने वाला ब्याज भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा ईसीबी के लिए निर्धारित सीमा के भीतर होना चाहिए। इन बांडों के विमोचन की न्यूनतम समयसीमा पांच साल होगी।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: विदेशी मुद्रा में बांड जारी करने की अनुमति