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बिजली संकट को ‘बाय-बाय’ करने की तैयारी

बिहार में तीन नयी थर्मल पावर परियोजनाओं की संभावनाओं का पता चला है। इससे यहां कम से कम 6000 मेगावाट तक के मेगा प्रोजेक्ट लगाए जा सकते हैं। इन बिजलीघरों के निर्माण के बाद बिहार बिजली संकट को ‘बाय-बाय’ करने की स्थिति में आ जाएगा। यही नहीं अन्य बिजलीघरों से प्राप्त बिजली के बाद वह अगले छह से दस वर्षो के अंदर बिजली निर्यातक राज्यों की श्रेणी में भी पहुंच सकता है और राज्य के खजाने में करोड़ों की आमदनी भी हो सकती है।ड्ढr देश की अंतरराष्ट्रीय संस्था आईएलएफएस ने बिहार में तीन स्थानों बक्सर, आरा और लखीसराय में मेगा प्रोजेक्ट लगाने की संभावना की खोज की है और राज्य सरकार को इस संबंध में प्रारंभिक रिपोर्ट दी है।ड्ढr ड्ढr इन बिजलीघरों में 30 हजार करोड़ रुपए का निवेश होना तय है। अगर इन परियोजनाओं को राज्य सरकार ने मूर्त रूप दिया तो स्थानीय स्तर पर 20 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलना सुनिश्चित हो जाएगा। यही नहीं स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती मिलेगी। ऊर्जा विभाग आइएलएफएस की रिपोर्ट से काफी उत्साहित है और उसे उम्मीद है कि तीनों स्थानों पर नई परियोजनाओं के निर्माण की योजना सफल रहेगी।ड्ढr ड्ढr राज्य सरकार को सौंपी गई रिपोर्ट के अनुसार बक्सर के चौसा में, आरा के संदेश में और लखीसराय के कजरा में थर्मल पावर प्रोजेक्ट लगाए जा सकते हैं। इन स्थलों पर बिजलीघर के लिए अपेक्षित हर सुविधा मौजूद है और उनके निर्माण के लिए संसाधन भी उपलब्ध हैं। आधारभूत संरचनाओं के विकास के लिए भी कम ही मशक्कत करनी होगी। तीनों स्थलों पर बंजर भूमि भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। यही नहीं पानी की भी कोई कमी नहीं है। इसके अलावा श्रम संसाधन भी पर्याप्त संख्या में उपलब्ध हैं। हालांकि इन बिजलीघरों का निर्माण निजी प्रक्षेत्र में ही किये जाने की संभावना है।ड्ढr ड्ढr बिजली अभियंताआें की सरकार को हरसंभव सहायता की घोषणाड्ढr पटना (हि.ब्यू.)। बिजली बोर्ड के अभियंताओं ने बोर्ड प्रबंधन और राज्य सरकार को हरसंभव सहायता देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अपील से प्रभावित विद्युतकिर्मयों ने विकास में कंधा से कंधा मिलाकर चलने का एलान किया है। पावर इंजीनियर्स सर्विस एसोसिएशन (पेसा) के सचिव जे.पी.एन सिंह ने कहा कि अभियंता इस बात से प्रसन्न हैं कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्वयं उनकी समस्याओं को सुलझाने का भरोसा दिलाया है। विद्युतकर्मी बिजली बोर्ड को सफलता के शिखर पर ले जाने को संकल्पित हैं। यही नहीं वे बिहार के विकास में भी समान भागीदार बनेंगे और इसके लिए जितना हो सकेगा करेंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री विद्युतकर्मियों की समस्या सुलझाने के लिए उनसे अवश्य विमर्श करेंगे और उनकी परेशानी सुनेंगे। उन्होंने कहा कि विद्युतकर्मी विकास विरोधी नहीं हैं। वे सिर्फ इतना चाहते हैं कि उनकी वाजिब समस्याओं का समाधान हो। मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद विद्युतकर्मियों में आशा जगी है कि अब उनकी समस्याओं का समाधान निश्चित रूप से होगा।ं

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