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पटना विवि में क्लास लेने आयेंगी देश की नामी-गिरामी हस्तियां

पटना विश्वविद्यालय का शैक्षणिक माहौल सुधरे और यहां की गरिमा को फिर से बहाल किया जाए, इसके लिए विवि प्रशासन ने पहल शुरू कर दी है। विवि प्रशासन अगले शैक्षणिक सत्र से विजिटर फैकल्टी को बुलवाने की योजना बना रहा है। इसके लिए देश में विभिन्न क्षेत्रों में ऊंचा मुकाम हासिल कर चुकी हस्तियों को बुलाने की योजना तैयार की गयी है।ड्ढr ड्ढr इस संबंध में कुलपति डा. श्याम लाल का कहना है कि पटना विवि का नाम पूरे भारत में यहां की बेहतर शैक्षणिक व्यवस्था के कारण लिया जाता है। इसमें अब काफी गिरावट आ गयी है, जिसमें सुधार की जरूरत है। सबसे पहले यहां के छात्रों को रिसर्च कायरे के लिए प्रेरित किया जाएगा। अभी यहां पर यह कार्य लगभग ठप है। विश्वविद्यालय की पहचान रिसर्च कायरे से ही होती है। इसके लिए सभी विभागों में शोध कायरे को शुरू करने के लिए इंफ्रस्ट्रक्चर डेवलप किया जाएगा। उन्होंने माना कि विश्वविद्यालय में शिक्षकों की कमी है और इसके लिए विवि प्रशासन द्वारा सरकार से सहमति मांगी जाएगी और अन्य जरूरतों को भी पूरा किया जाएगा।ड्ढr ड्ढr साथ ही कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय में छात्रों में समझ विकसित करने के लिए अपने क्षेत्र में ख्यातिलब्ध नामों को यहां बुलाया जाएगा। व्यावसायिक पाठय़क्रमों व पारंपरिक पाठय़क्रमों के देशभर के विद्वानों को यहां बुलाने के लिए विश्वविद्यालय स्तर पर कार्रवाई शुरू होगी। उनका लेक्चर छात्रों को सोच का दायरा विकसित करने में मदद देगा। विश्वविद्यालय में इस तरह की योजना नहीं बन पा रही थी, पर अब इस प्रकार की योजनाआें को आकार दिया जाएगा। अभी विश्वविद्यालय में परीक्षाएं शुरू हो गयी है। इसलिए कार्यक्रम को अगले शैक्षणिक सत्र से शुरू करने की योजना तैयार की गयी है।ड्ढr ड्ढr विभागों में खाली शिक्षक के पदों की बन रही सूचीड्ढr पटना (हि.प्र.)। पटना विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर विभाग व कॉलेजों में खाली पदों को भरने के लिए विशेष व्यवस्था की जा रही है। अभी विवि प्रशासन द्वारा इन खाली पदों की सूची तैयार की जा रही है। विवि प्रशासन द्वारा इन खाली पदों को भरने के लिए शीघ्र कार्रवाई शुरू की जाएगी। कुलपति डा. श्याम लाल ने विभिन्न विभागाध्यक्षों के साथ बैठक में वहां की मूल समस्या का जानने का प्रयास किया, तो उन्हें बताया गया कि शैक्षणिक माहौल के आदर्श न रहने का मूल कारण विभागों में शिक्षकों की कमी है। इसके बाद उन्होंने सभी विभागों को शिक्षकों के खाली पदों की सूची तैयार कराने का निर्देश दिया है। इसी सूची के आधार पर सरकार व राजभवन से नयी नियुक्ित की सहमति मांगी जाएगी। विश्वविद्यालय सेवा आयोग के विघटन के बाद से ही यहां पर शिक्षकों की नियुक्ित की प्रक्रिया पर रोक लगी हुई है। सरकार ने नयी नियुक्ितयों के लिए विद्यालयों को कायदे-कानून व नियम बनाने का निर्देश दिया था। पटना विवि ने इसके लिए नियम तो बना लिए हैं लेकिन अभी इस पर सरकार व राजभवन की अनुमति मिलनी शेष है। कुलपति ने सभी विभागाध्यक्षों को भरोसा दिलाया है कि वरिष्ठ पदाधिकारियों व सरकार के स्तर पर इस समस्या के निदान के लिए आवश्यक पहल करेंगे ताकि विवि को इस समस्या से छुटकारा मिल सके।ड्ढr ं

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