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बंधु के फैसले से झाजमं में बगावत

पूर्व मंत्री बंधु तिर्की के रांची लोकसभा क्षेत्र से चुनाव नहीं लड़ने के फैसले का झाजमं ने जोरदार विरोध किया है। मंच के केंद्रीय अध्यक्ष जगदीश लोहरा ने कहा कि यह बंधु का व्यक्ितगत निर्णय है।ड्ढr मंच ने रांची और लोहरदगा से चुनाव लड़ने का फैसला लिया है, जिस पर वह अड़िग है। बंधु ने मैदान छोड़ दिया है, तो यहां से दूसरा प्रत्याशी उतारा जायेगा। इसके लिए झाजमं के प्रमुख साथियों की एक अप्रैल को बैठक भी हुई। इसमें कर्नल एलएमएन शाहदेव और जगदीश लोहरा का नाम प्रत्याशी के रूप में सामने आया। इस बावत पूछे जाने पर लोहरा ने कहा कि दो अप्रैल को प्रत्याशी की घोषणा कर दी जायेगी। इधर लोहरदगा की झाजमं प्रत्याशी सह मेयर रमा खलखो ने कहा कि वह मैदान नहीं छोड़ेंगी। बुधवार को उन्होंने गुमला में चुनाव प्रचार भी किया। रमा ने कहा कि बंधु का फैसला उनका व्यक्ितगत है पार्टी का नहीं। चुनाव में प्रत्याशी तय करने का काम पार्टी करती है। वह कांग्रेस के चक्कर में पड़ने वाली नहीं है। मंच चाहेगा तभी वह विचार कर सकती हैं। रांची में झाजमं के ही कई नेताओं ने बंधु तिर्की के फैसले का विरोध किया है। इन्होंने कहा कि कांग्रेस के जाल में वह बुरी तरह फंस गये हैं।ड्ढr आदिवासी-मूलवासी काड्ढr सौदा किया : एसीएसड्ढr आदिवासी छात्र संघ के संरक्षक बेलखस कुाूर ने आरोप लगाया है कि बंधु तिर्की ने आदिवासी मूलवासी का कांग्रेस के साथ सौदा कर लिया। उन्होंने स्थानीय लोगों के साथ खिलवाड़ किया है। पिछले आठ साल में कांग्रेस और भाजपा ने झारखंड को लूटा। जब उन्हें सत्ता से उखाड़ने का मौका मिला, तो बंधु तिर्की ने सौदा कर लिया। दोनों राष्ट्रीय दलों ने आदिवासी मूलवासी को झारखंड में सत्ता और विकास की भागीदारी से अलग रखा है।

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