DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

सूखाग्रस्त व सीमावर्ती जिलों पर खास ध्यान देने के निर्देश

मुख्य सचिव प्रशांत कुमार मिश्र ने जिलाधिकारियों को बुंदेलखंड व विंध्यांचल के सूखाग्रस्त जिलों तथा नेपाल सीमा से सटे प्रदेश के जिलों पर खास ध्यान देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना में काम माँगने वालों को मना नहीं किया जाए, उन्हें हर हाल में काम दिया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री के जाने के बाद मुख्य सचिव जिलाधिकारियों के साथ देर तक बैठक करते रहे। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड व विंध्यांचल के सूखाग्रस्त नौ जिलों झांसी, जालौन, ललितपुर, महोबा, चित्रकूट, बांदा, हमीरपुर, मिर्जापुर व सोनभद्र के जिलाधिकारी विकास तथा आम जनता की समस्याओं को दूर करने के लिए खुद को समर्पित कर दें।ड्ढr श्री मिश्र ने नेपाल सीमा से सटे सात जिलों बहारइच, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, श्रावस्ती, खीरी, पीलीभीत व महराजगंज के जिलाधिकारियों से कहा कि वे संबंधित 1विकास खंडों के लगभग ढाई हजार गाँवों में तेजी से योजनाओं का क्रियान्वयन कर उनका कायाकल्प कर दें। इससे वहाँ रहने वालों का भी आर्थिक उत्थान होगा। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी नरेगा में जाब कार्ड, मस्टररोल व लेखा आदि का विस्तृत ब्योरा रखें। इसकी जानकारी विधायकों, सांसदों को दें। प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास रोहित नंदन ने बैठक में कहा कि राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार योजना में आंध्र प्रदेश और मध्य प्रदेश की तुलना में प्रदेश में कम रोजगार दिलवाया गया है, इसलिए इसमें सुधार की जरूरत है, क्योंकि यूपी में इस योजना से आच्छादित जिले व मजदूरों की संख्या अधिक है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: सूखाग्रस्त व सीमावर्ती जिलों पर खास ध्यान देने के निर्देश