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‘गुरुजी’ अपनी मानसिकता बदलें:अंजनी

मानव संसाधन विकास विभाग के प्रधान सचिव अंजनी कुमार सिंह ने ‘गुरुजी’ से अपनी मानसिकता बदलने को कहा है। शिक्षक मार्किंग करते समय तुलना अपने जमाने से नहीं करें कि बेहतरीन विद्यार्थी होने के बावजूद उनको बमुश्किल 60 फीसदी अंक मिलते थे तो वे किसी छात्र को दिल खोलकर नम्बर कैसे दे दें। अब जमाना बदल गया है। परीक्षार्थी अंग्रेजी और संस्कृत जैसे विषयों में भी 100 में 100 अंक ला रहे हैं।ड्ढr ड्ढr विभाग में आयोजित इंटरमीडिएट स्तर के प्रश्नपत्र चयन एवं मूल्यांकन पद्धति पर आयोजित कार्यशाला में श्री सिंह ने कहा कि यह ध्यान रखना होगा कि हमारी मूल्यांकन पद्धति की खामियों का खामियाजा छात्र बाहर जाकर न भुगतें। माकिर्ंग ऐसी हो कि यहां के इंटर पास छात्र भी दिल्ली मेंीसदी नम्बर लाने वाले विद्यार्थियों से स्पर्धा कर सकें। उन्होंने शिक्षाविदों से प्रश्नपत्र और मूल्यांकन की ऐसी वैज्ञानिक पद्धति का मॉडल ब्लूप्रिंट तैयार करने को कहा जो न सिर्फ राष्ट्रीय स्तर से मेल खाए बल्कि इसे आसानी से लागू भी किया जा सके। इस मौके पर विशेषज्ञों ने मॉडल प्रश्नपत्र और मूल्यांकन सिस्टम को विकसित करने में छात्रों, शिक्षकों और शिक्षाविदें से भी राय लेने और इसे इंटरनल परीक्षाओं में लागू करने पर जोर दिया ताकि छात्र बोर्ड और इंटर की परीक्षाओं तक इससे भलीभांति परिचित हो जाएं।ड्ढr ड्ढr कार्यशाला में केन्द्रीय विद्यालय संगठन के डा. यूएन सिंह, कॉब्से के महासचिव डीवी शर्मा, सीबीएसई के बीएन गुप्ता और एस भारद्वाज, बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (उच्च माध्यमिक) के निदेशक (शैक्षणिक) रघुवंश कुमार, सचिव अनूप कुमार सिन्हा, हसन वारिश, ज्ञानदेव मणि त्रिपाठी और प्रो. समीर कुमार सिन्हा समेत विभाग के कई अधिकारियों ने अपने विचार रखे। इस मौके पर इंटरमीडिएट की छात्र-छात्राओं के अलावा पूरे सूबे में इस पढ़ाई से जुड़े शिक्षकों एवं जानकारों के कोरग्रुप के लगभग 150 लोग मौजूद थे।

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