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सारे फसाद की जड़ हैं मुशर्रफ

पाकिस्तान में तालिबान समर्थक इलाके में पाकिस्तान के राजदूत डॉक्टर तारिक अजीजुद्दीन और सरकारी परमाणु एनर्जी कमीशन के दो सीनियर इंजीनियरों के अगवा होने से तमाम पाकिस्तान में हलचल मची है। इस घटना के साथ ही कराखर, क्वेटा, लकीमरवल और डेरा इस्माइल खां के इलाकों में आत्मघाती हमलों के नतीजे में कई लोगों के मारे जाने और घायल हो जाने के कारण लोग बुरी तरह सहमे हुए हैं। तरह-तरह की बातें हो रही हैं। कुछ समाचार पत्रों ने लिखा है कि लगता है कि तालिबानी और अलकायदा वाले इन्हें रिहा कराने के लिए कई लाख डॉलर की मांग करेंगे। ‘नवाएवक्त’ ने लिखा है कि अलकायदा वाले इराक में रोजाना बड़े पैमाने पर आत्मघाती हमले करा कर हत्याएं कर रहे हैं। पाकिस्तान में डेरा इस्माइल खां के निकट तालिबानियों ने कई शियाआें की हत्या कर दी है और राजनैतिक पर्यवेक्षण करने वाले एक गुट ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि 75 प्रतिशत लोग परवेज मुशर्रफ के खिलाफ हैं। यह चुनाव में सरकारी लीग के उम्मीदवारों के खिलाफ मदद करेगा। नवाज शरीफ की लीग ने बेनजीर की पीपुल्स पार्टी की मदद करने का वायदा किया और खुल कर कहा है कि दोनों पार्टियां मिल कर बहुमत हासिल करके अपनी सरकार गठित करेंगे। नवाज शरीफ ने कहा है कि हम मुशर्रफ की सरकार खत्म कर देंगे। जनतंत्र बहाल करेंगे। हम सही कदम उठा कर अदालती आजादी बहाल करेंगे। तालिबान और उनका समर्थन करने वाले जजों को हटा कर और पाकिस्तान को अमेरिका के दबाव से पूरी तौर पर आजाद करा के ही दम लेंगे। उन्होंने कहा कि मुशर्रफ को महसूस हो रहा है, इसलिए वह सरकार पर अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए साजिशें कर रहा है। उन्होंने कहा कि इराक में 12-12 वर्ष की लड़कियों को आत्मघाती हमले करने के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अमेरिका ईरान पर हमला करने के लिए साजिशें कर रहा है। पाकिस्तान पर भी हमला कर सकता है, परंतु हम उसके दांत खट्टे कर देंगे। बेनजीर की पुस्तक ‘इस्लाम, प्रजातंत्र और पश्चिम’ रिलीज हो गई है। उसने लिखा है कि ‘मुझे पता लग गया था कि सीमा प्रांत और फाता के इलाके से कुछ लोग मुझे मारने की कोशिश करेंगे। मुझे मारने वाले का नाम और सेल नम्बर भी पता लग गए थे। मुशर्रफ ने मेरी रक्षा की कोई चेष्टा नहीं की।’ बीबीसी सर्वे के मुताबिक 64 प्रतिशत पाकिस्तानी मानते हैं कि परवेज मुशर्रफ ही सारे फसाद की जड़ है। अगर वह जल्दी से इस्तीफा दे दे तो पाकिस्तान स्थिर देश बन जाएगा। बेनजीर के कत्ल पर 3प्रतिशत लोगों की राय है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई का इस कत्ल में हाथ है, जबकि केवल 24 प्रतिशत ने राय दी कि यह सरकार का कारनामा नहीं। सिर्फ 16 प्रतिशत सरकार की राय मानते हैं कि तालिबानी नेता बैयतुल्ला महसूद और अलकायदा ही जिम्मेदार हैं।

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