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खेती का गुर सिखाने को अब खेतों में स्कूल

सूबे में किसानों को खेती का गुर सिखाने के लिए अब खेतों में ही खुलेंगे विद्यालय। कृषि विभाग से मिली जानकारी के अनुसार राज्य भर में ऐसे स्कूलों की संख्या दो सौ होगी। दूसरी आेर पहली बार आयोजित होने वाली किसान पंचायत के लिए राजधानी पूरी तरह तैयार है। राष्ट्रपति के दौरे के बीच समय निकाल कर शनिवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लगभग एक घंटे तक कृषि प्रक्षेत्र से जुड़े शीर्ष अधिकारियों से वन टू वन बात की। मुख्यमंत्री इस कार्यक्रम को लेकर काफीगंभीर हैं। रविवार को नौ घंटे तक चलने वाले इस कार्यक्रम में वे पूरे समय श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में मौजूद रहेंगे।ड्ढr ड्ढr कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह ने बताया कि इस समारोह में भाग लेने वाले किसानों से प्राप्त सुझावों को कृषि तथा इससे जुड़े विभिन्न क्षेत्रों को बढ़ावा देने के लिए तैयार हो रहे रोड मैप में शामिल किया जायेगा। विभिन्न जिलों के लगभग दो हजार किसान इसमें भाग लेंगे। किसानों के लिए खुलने वाले विद्यालयों में शिक्षक होंगे वैज्ञानिक तो छात्र होंगे किसान। खेत में ही बिछेगी दरी और लगाये जाएंगे ब्लैक बोर्ड। गुरुजी के लिए कुर्सी भी होगी तो टिफिन के समय अल्पाहार की व्यवस्था भी सरकार करेगी। हर स्कूल के पास ढाई एकड़ जमीन होगी जिसमें 25 छात्र शिक्षा ग्रहण करेंगे। जमीन एक या उससे अधिक किसानों की हो सकती है जो दस से पंद्रह सप्ताह के लिए स्कूल के पास रहेगी। हलांकि उसमें प्रायोगिक शिक्षा के लिए फसल भूस्वामी हीे लगाएंगे लेकिन इसके लिए किसान को दस हजार रुपये दिये जाएंगे। ये रुपये उक्त भूमि पर लगी फसल पर खर्च किये जाएंगे। कृषि विभाग से मिली जानकारी के अनुसार सरकार ने इसकी शुरुआत कर दी है। एक विद्यालय पर लगभग 50 हजार का खर्च आंका गया है। यह राशि संबंधित जिलों के ‘आत्मा’ के पास भेज दी गई है। बमेती के निदेशक डा. आरके सोहाने ने बताया कि राज्य में ऐसे खुलने वाले सभी विद्यालय जिलों में कार्यरत ‘आत्मा’ द्वारा संचालित किये जाएंगे। इस स्कूल में फसल प्रबंधन की पूरी जानकारी किसानों को खेत में ही दी जाएगी। बाद में यहां से प्रशिक्षित सभी 25 किसानों को यह जिम्मेदारी दी जाएगी कि वे अपने आसपास के 20 किसानों के बीच विद्यालय से प्राप्त जानकारी को बांटें।ड्ढr ड्ढr मुख्यमंत्री किसान पंचायत का सुबह दस बजे उद्घाटन करेंगे उसके तुरंत बाद कृषि मंत्री पूरे कार्यक्रम की रूपरेखा से अवगत करायेंगे। समारोह में भाग लेने के लिए राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक डॉ. मंगला राय दिल्ली से आ रहे हैं तो उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी,सिंचाई मंत्री रामाश्रय प्रसाद सिंह, राजस्व मंत्री रामनाथ ठाकुर, लघु सिंचाई मंत्री विश्वमोहन कुमार, सहकारिता राज्य मंत्री रामजी दास ऋषिदेव, उद्योग राज्य मंत्री गौतम सिंह और गन्ना विकास राज्य मंत्री नीतीश मिश्रा के अलावा कई विभागों के प्रमुख उपस्थित रहंेगे। बाद में सभी जिलों के दो-दो किसान भी समारोह को संबोधित करेंगे। भाग लेने वाले किसानों में एक ‘किसान रत्न’ के अलावा 38 ‘किसान भूषण’, 4‘किसान श्री’ और उद्यान पंडित से सम्मानित 21 किसान होंगे। राष्ट्रपति भवन का भ्रमण करने वाले किसान और किसान आयोग से अनुशंसित 47 किसान भी भाग लेंगे। विभिन्न जिलों के 48 वैसे सफल किसान भी यहां उपस्थित रहेंगे जिनके नाम अखबारों में सफलता की कहानी में छपे थे। कॉम्फेड और पैक्सों से जुड़े हुए भी 400 किसान, 261 मत्स्यपालक, 38 मुर्गीपालक और पशुपालक भी आयोजन में भाग लेंगे। इसके अलावा जीविका से जुड़ी दस महिलाएं भी उपस्थित रहेंगी। प्रखंडों में ‘आत्मा’ के 188 चेयरमैन भी वहां होंगे।

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